Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » विरोधियों ने संसद में लगाया ताला, समोआ की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री को तंबू में लेनी पड़ी शपथ
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    विरोधियों ने संसद में लगाया ताला, समोआ की नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री को तंबू में लेनी पड़ी शपथ

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 25, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    एपिया. प्रशांत सागर क्षेत्र में स्थित देश समोआ में सियासी उथल-पुथल चल रही है. यहां हाल ही में हुए चुनाव के बाद देश को पहली महिला प्रधानमंत्री मिली है. हालांकि सत्ता जाने से नाखुश वर्तमान पीएम ट्विलाएपा सैलेले मैलिलेगाओई ने पद छोडऩे से मना कर दिया है. हालात इतने खराब हो गए हैं कि देश की मुखिया चुनी गईं नाओमी मताफा को संसद के बाहर एक तंबू में शपथ लेनी पड़ी. दरअसल विरोध के रूप में सत्तारूढ़ पार्टी ने संसद में ताला लगा दिया था. इसके बाद से ही देश में नेतृत्व का संकट खड़ा हो गया है.मोआ में 40 सालों से शासन कर रही ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन पार्टी को मताफा की एफएएसटी पार्टी ने अप्रैल में हुए चुनाव में सत्ता से हटा दिया था. इसके बाद जब वे सोमवार को पद के लिए शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने पहुंची, तो उन्हें संसद के अंदर नहीं जाने दिया गया, क्योंकि वर्तमान सत्ताधारी दल ने गेट पर ताला लगा दिया था. हालांकि इस विरोध के बाद भी मताफा ने अपने मंत्रियों के साथ बाहर टेंट में शपथ ली. इधर मैलिलेगाओई इस समारोह को मानने तैयार नहीं हैं. उन्होंने इसे अनाधिकारिक करार दिया है.
    एचआरपीपी और एफएएसटी के बीच देश में कड़ा मुकाबला हुआ था. इस दौरान दोनों पार्टियों ने 25-25 सीटें अपने नाम की थीं, लेकिन इसके बाद एक निर्दलीय विजेता ने एफएएसटी को अपना समर्थन दिया था. इस फैसले के बाद एफएएसटी ने सत्ता बचाने के लिए कानून का सहारा लिया और अदालत में कहा कि विरोधियों ने महिला सांसद कोटे का पालन ठीक तरह से नहीं किया है. नतीजा यह हुआ कि देश में चुनाव आयोग ने अप्रैल के मतदान के नतीजों को रद्द किया और 21 मई को नए चुनाव का ऐलान किया.हालांकि, चुनाव से महज 5 दिन पहले देश के सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल के चुनाव को सही बताया. अदालत ने एचआरपीपी खिलाफ फैसला सुनाते हुए कहा कि मताफा का शपथ ग्रहण कार्यक्रम होना चाहिए. खास बात है कि मैलिलेगाओई ने इस चुनाव से पहले देश पर 22 सालों तक शासन किया था. समोआ ने साल 1962 में न्यूजीलैंड से आजादी हासिल की.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजयपुर में बच्चों पर कोरोना का कहर, 11 से 20 साल उम्र के दस हजार बच्चे हुये संक्रमित
    Next Article फिलहाल भारत को नहीं मिलेगी फाइजर और मॉडर्ना की वैक्सीन, दोनों कंपनियों के ऑर्डर फुल

    Related Posts

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    June 23, 2026

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    June 23, 2026

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    June 23, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    सूचना के अधिकार: सरकार के ‘अधूरे फैसले’ पर गलगली के सवाल

    लखनऊ अग्निकांड: कब जागेगा तंत्र, सुधारों की क्यों दरकार?

    लखनऊ में भीषण अग्निकांड: 15 जिंदगियां राख

    कालिकापुर-बागों सड़क की बदहाली से ग्रामीण परेशान, पक्की सड़क निर्माण की उठी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.