Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » भारत को लगा झटका: कोवैक्सीन का टीका लगाने वालों की विदेश यात्रा में आ सकती हैं अड़चनें
    Breaking News Headlines

    भारत को लगा झटका: कोवैक्सीन का टीका लगाने वालों की विदेश यात्रा में आ सकती हैं अड़चनें

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 23, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नई दिल्ली: भारत बायोटेक में तैयार हुई स्वदेशी कोवैक्सीन के टीके लगवाने वालों को विदेश यात्रा पर जाने में फिलहाल मुश्किलें आ सकती हैं. बताया जा रहा है कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की इमरजेंसी यूज लिस्टिंग में शामिल नहीं होने के कारण अन्य देशों में एंट्री लेने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. कई देशों ने टीका प्राप्त यात्रियों के लिए नीतियों की घोषणा कर दी हैं. वहीं कुछ देश जल्द ही नए नियमों का ऐलान करने वाले हैं. रिपोर्ट के अनुसार कई देश उन्हीं वैक्सीन को अनुमति दे रहे हैं, जिन्हें उनके नियामकों की तरफ से मंजूरी मिल चुकी हो या वे डब्ल्यूएचओ की सूची में शामिल हों. फिलहाल इस सूची में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोविशील्ड, मॉडर्ना, फाइजर, एस्ट्राजेनेका (2), जेनसेन और सिनोफार्म/बीबीआईपी का नाम शामिल है.
    संगठन ने अब तक कोवैक्सीन को EUL में शामिल नहीं किया है. डब्ल्युएचओ के ताजा दिशा-निर्देशों से पता चलता है कि भारत बायोटेक ने एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जमा किया है, लेकिन इसके संबंध में अभी ‘और जानकारी की जरूरत है.’ डब्ल्युएचओ ने कहा है कि मीटिंग मई-जून में तय है. इसके बाद कंपनी को एक डोजियर दाखिल करना होगा. इस डोजियर के स्वीकार किए जाने के बाद कोवैक्सीन को अपनी सूची में शामिल करने से पहले डब्ल्युएचओ की तरफ से आंकलन किया जाएगा. इसके बाद वैक्सीन के EUL में शामिल किए जाने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. अब इस दौरान हर काम में हफ्तों का समय लग सकता है. टीओआई के अनुसार, इसे लेकर भारत बायोटेक की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.
    इमीग्रेशन एक्सपर्ट विक्रम श्रॉफ का कहना है कि अगर वैक्सीन EUL में नहीं है या विदेश में उसे मंजूरी नहीं मिली है, तो यात्री को टीका प्राप्त नहीं माना जाएगा. फिलहाल भारत में कोवैक्सीन और कोविशील्ड को अनुमति मिली हुई है. इसके अलावा रूसी वैक्सीन स्पूतनिक-V भी इस्तेमाल के लिए तैयार है. उम्मीद की जा रही है कि यह जल्द ही बाजार में व्यापक स्तर पर उपलब्ध हो जाएगी.

     

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपैसों की तंगी के चलते ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बना कारपेंटर
    Next Article कुंडहित के वनों की हो रही है अंधाधुंध कटाई, पूर्व मंत्री बाटुल ने कहा स्थानीय पुलिस प्रशासन के संरक्षण तथा वन विभाग की स्वीकृति से हो रहा है यह सब काला कारोबार

    Related Posts

    केदार कंस्ट्रक्शन के नए कार्यालय का उद्घाटन

    June 24, 2026

    पाकुड़ विद्यालयों में पाकुड़ पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को किया जागरूक

    June 24, 2026

    मुहर्रम को लेकर बोकारो में हाई अलर्ट, सिवनडीह में प्रशासन-पुलिस की मॉक ड्रिल

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    केदार कंस्ट्रक्शन के नए कार्यालय का उद्घाटन

    पाकुड़ विद्यालयों में पाकुड़ पुलिस का जागरूकता अभियान, छात्रों को किया जागरूक

    मुहर्रम को लेकर बोकारो में हाई अलर्ट, सिवनडीह में प्रशासन-पुलिस की मॉक ड्रिल

    1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपियों को कोर्ट से फिर झटका

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने टीएमएच में विधायक पूर्णिमा से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल

    गिरिडीह मकतपुर में बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

    मोहर्रम पर शास्त्री नगर में इंसानियत का पैगाम, 8 हजार लोगों ने ग्रहण किया विशाल लंगर

    मुहर्रम को लेकर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

    डीसी ऑफिस के पास सड़क हादसे में महिला की मौत, चालक वाहन समेत फरार

    भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण: उसके गांव पहुंचे प्रशांत किशोर, न्यायिक जांच की निगरानी की मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.