Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पैसों की तंगी के चलते ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बना कारपेंटर
    Headlines खेल

    पैसों की तंगी के चलते ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज बना कारपेंटर

    Devanand SinghBy Devanand SinghMay 23, 2021No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    मेलबर्न. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कई बार खिलाड़ियों की जिंदगी आसान नहीं होती है. ऐसे कई क्रिकेटरों के उदाहरण हैं जिन्हें रिटायरमेंट के बाद आर्थिक तंगी से गुजरना पड़ा है. ऑस्ट्रेलियाई टीम के पूर्व स्पिनर जेवियर डोहर्टी भी साल 2017 में क्रिकेट से अलग होने के बाद बेहद मुश्किलों से गुजरे हैं. डोहर्टी फिलहाल अपना घर चलाने के लिए कारपेंटर का काम कर रहे हैं. ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने कारपेंट्री का काम सीखते डोहर्टी का वीडियो पोस्ट किया. इसमें डोहर्टी एक बिल्डिंग साइट पर औजारों के साथ कारपेंटर के वेश में दिख रहे हैं.जेवियर डोहर्टी एक समय ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट टीम के प्रमुख स्पिनर थे. साल 2010 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले इस बाएं हाथ के स्पिनर ने वर्ल्ड कप 2015 भी खेला. उस साल ऑस्ट्रेलियाई टीम न्यूजीलैंड को हराकर पांचवीं बार वर्ल्ड चैंपियन बनी थी. डोहर्टी ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला वर्ल्ड कप में ही श्रीलंका के खिलाफ खेला था. हालांकि फाइनल मुकाबले में उन्हें टीम में जगह नहीं मिल पाई थी. उन्होंने साल 2017 में क्रिकेट को अलविदा कह दिया था.
    ऑस्ट्रेलियन क्रिकेटर्स एसोसिएशन द्वारा शेयर किए गए वीडियो में डोहर्टी कहते हैं कि जब उन्होंने क्रिकेट छोड़ा था तब सोचा नहीं था कि आगे चलकर क्या करेंगे. ऐसे में शुरू के 12 महीने तक तो उन्हें जो भी काम मिला उन्होंने वह किया. इसके तहत लैंडस्केपिंग,ऑफिस का काम और कुछ क्रिकेट से जुड़ा काम भी किया.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकेंद्र ने ऑफिसों में टीका लगाने की इजाजत दी, कर्मचारी के साथ परिवार को भी वैक्सीन लग सकेगी
    Next Article भारत को लगा झटका: कोवैक्सीन का टीका लगाने वालों की विदेश यात्रा में आ सकती हैं अड़चनें

    Related Posts

    धनबाद मुगमा स्टेशन के पास माल गाड़ी हुई बेपटरी,बड़ा हादसा टला मुगमा स्टेशन के पास बड़ा रेल हादसा टल गया

    June 24, 2026

    गिरिडीह में नशा मुक्ति रात्रि चौपाल का आयोजन, उपायुक्त रामनिवास यादव ने जनभागीदारी पर दिया जोर

    June 24, 2026

    रांची: शॉर्ट सर्किट से अपार्टमेंट में लगी आग, मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा टला

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    धनबाद मुगमा स्टेशन के पास माल गाड़ी हुई बेपटरी,बड़ा हादसा टला मुगमा स्टेशन के पास बड़ा रेल हादसा टल गया

    गिरिडीह में नशा मुक्ति रात्रि चौपाल का आयोजन, उपायुक्त रामनिवास यादव ने जनभागीदारी पर दिया जोर

    रांची: शॉर्ट सर्किट से अपार्टमेंट में लगी आग, मची अफरा-तफरी, बड़ा हादसा टला

    रामगढ़ भुरकुंडा कोलियरी के सीसीएल कॉलोनी जवाहर नगर में ट्रांसफार्मर में लगी भीषण आग।।

    जमशेदपुर में ओलंपिक दिवस: 37 पदक विजेता खिलाड़ियों का सम्मान

    रांची: जेपीएल फाइनल में भगदड़, JSCA स्टेडियम में कई दर्शक घायल

    झारखंड के ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन पद्म भूषण से सम्मानित

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: SDPO-SHO पर हत्या का केस

    भारतीय ज्ञान-मीमांसा: मिथिला विवि में व्याख्यान

    लखनऊ अग्निकांड में बुलडोजर न्याय: रत्नाकर की सख्त मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.