Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » काम का सम्मान
    Breaking News मेहमान का पन्ना राजनीति

    काम का सम्मान

    Devanand SinghBy Devanand SinghFebruary 26, 2019No Comments3 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    जयप्रकाश राय
    काम कोई बड़ा या छोटा नहीं होता। जरुरी है काम करने वालों का हम सम्मान करें। लेकिन व्यवहार में ऐसा देखने को कम ही मिलता है। बल्कि शायद ही मिलता है। ऐसे में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ मेंला में सफाई का काम करने वाले पांच लोगों का पैर धोकर उनका सम्मान करना एक बड़ा संदेश दे गया। । ऐसा करने के पीछे की उनकी मंशा को समझा जा सकता है। प्रधानमंत्री शुरु से ही सफाई कर्मियों के योगदानों का सम्मान भाषणों में करते रहे हैं। उनका कहना होता है कि जो लोग हमारी गंदगी साफ करते हैं, वे हमारे लिये कितना बड़ा काम कर रहे हैं, यह समझना चाहिये। उनसे बड़ा कोई दूसरा योगदान नहीं हो सकता। उन्होंने ही उनको कूड़ा वाला कहने के बजाय सफाई वाला कहने के लिये लोगों को प्रेरित किया। काम को सम्मान देने के साथ ही जात पात और छुआछूत को लेकर भी यह एक बड़ा संदेश पीएम मोदी की ओर से दिया गया है। यह सही है कि समाज जितनी भी तरक्की कर ले लेकिन जात पात की जकड़ से हम बाहर नहीं निकल पाये हैं। समाज में अब छूआछूत को लेकर भाव कम जरुर हुआ है लेकिन हम सफाई वालों या ऐसे काम करने वालों को वह सम्मान नहीं देते जिसके वे हकदार होते हैँ। ऐसे में यदि खुद देश का प्रधानमंत्री यदि सफाईवालों के पैर धोकर उनको सम्मानित करता है तो इससे बड़ा दूसरा कोई संदेश नहीं हो सकता।
    यह सही है कि राजनीतिक चश्मे से हरकाम को नापा तौला जाता है। राजनीति में हर किसी काम को राजनीति के ही चश्मे से देखने का प्रयास किया जाता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को भी विपक्ष इसी रुप में देखता है। लेकिन यदि किसी की राजनीति करने से देश का और समाज का भला होता है तो ऐसी राजनीति का स्वागत किया जाना चाहिये। यहां तो शहीदों की बेदी पर राजनीति करने वाले बाज नहीं आते तो फिर और किसी को कैसे छोड़ सकते हैँ। यह सही ै कि इस बार के कुंभ मेला को काफी महत्व दिया गया. हर काम की बारीकी पर पूरा ध्यान था। साफ सफाई की सर्वत्र प्रशंसा हो रही है। करीब 20 करोड़ श्रद्धालु इस दौरान प्रयाग नगरी में पधारे लेकिन साफ सफाई में लगे लोगों ने शिकायत का कोई मौका नहीं दिया। प्रधानमंत्री की ओर से कुंभ मेला में सफाई में लगे लोगों को संबोधित करना भी एक अच्छी पहल है। काम कोई छोटा नहीं होता।ा ये बातें किताबों में ही सिमट कर रह गयी है।ं व्यवहार में ऐ्रसा नहीं होता। हम काम को छोटा मानने लगते है ंऔर इसी मानसिकता के कारण सारी परेशानियां होने लगती हैं। दूसरों को उसी नजर से देखने लगते हैं। दूसरों का सम्मान भी इसी के अनुसार होता है। पैसा रुतबा को महत्व देने में हम लगे रहते हैँ। पैसा किस तरह से कमाया गया है, इसपर किसी का ध्यान नहीं जाता। काली कमाई और घूसखोर लोगों का समाज में बड़ा सम्मान होता है। जो देश को खोखला करने में लगे रहते हैं,उनके इसी देश में सम्मान की नजर से देखा जाता है लेकिन जो देश की सेवा में लगे हैं,उनकोवह सम्मान नहीं मिलता। प्रधानमंत्री ने सफाई वालों का जो सम्मान दिया है वह बहुत बड़ी बात है। उन सफाई वालों का कहना है कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिससे मिलना उनके लिये सपना होगा, वह उनको इस तरह सम्मान दे।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहैडलाइंस राष्ट्र संवाद
    Next Article आतंकी ठिकानों पर भारतीय एयर फोर्स ने की बड़ी कार्रवाई

    Related Posts

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    June 21, 2026

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    June 21, 2026

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    June 21, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर: व्यवस्था सवालों में, राष्ट्रीय बहस

    SIR 2026: किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा

    राम मंदिर के चढ़ावे पर चुप्पी क्यों? जवाबदेही का सवाल

    सुप्रीम कोर्ट का फैसला: फुटपाथ पर मौलिक अधिकार और अतिक्रमण की हकीकत

    The Bharat Tiwari Encounter: A National Debate on Justice, Accountability, and Public Trust

    त्रिकोणीय जंग में उत्तराखंड की राजनीति का भविष्य

    स्लम क्षेत्र के बच्चों को योग से जोड़ने की अनूठी पहल, योग दिवस पर सफल आयोजन

    जमशेदपुर महानगर के सभी मंडलों में भाजपा ने पूरे मनोयोग से मनाया 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    भरत तिवारी के कथित फर्जी एनकाउंटर के विरोध में साकची में कैंडल मार्च, निष्पक्ष जांच की मांग

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जिले में सामूहिक योगाभ्यास, उपायुक्त राजीव रंजन ने दिया स्वस्थ जीवन का संदेश

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.