■ *आज दिनांक 02 फरवरी 2021 को नाला प्रखंड के दलाबड़ पंचायत एवं पांजुनिया पंचायत में डीआरडीए निदेशक श्रीराम वृक्ष महतो द्वारा सामुदायिक पुस्तकालय का शुभारंभ किया गया।*
■ *उपायुक्त के पहल से अधिष्ठापित किए जा रहे समुदायिक पुस्तकालय जामताड़ा जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा:- डीआरडीए निदेशक श्रीराम वृक्ष महतो*
“ज्ञान वृद्धि एवं ज्ञान प्रकाश के स्थायी केन्द्रों के रूप में पुस्तकालयों की महत्ता एवं उपयोगिता अक्षुण्ण है । पुस्तकालय न केवल हमारी ज्ञान-पिपासा को शान्त करते हैं,वरन् हमारे व्यक्तित्व का निर्माण भी करते हैं। पुस्तकालय लोगों को पढ़ने और सीखने की आदत विकसित करने के लिए आकर्षित करते हैं। यह पढ़ने की उनकी प्यास को बढ़ाता है और ज्ञान का विस्तार करता है। इस प्रकार, अनुसंधान, सूचना, ज्ञान और पढ़ने के लिए पुस्तकालय महत्वपूर्ण हैं।”
उक्त वक्तव्य आज दिनांक 02 फरवरी 2021 को नाला प्रखंड के दलाबड़ पंचायत एवं पांजुनिया पंचायत में डीआरडीए निदेशक श्रीराम वृक्ष महतो द्वारा सामुदायिक पुस्तकालय का शुभारंभ करते हुए कहा।
उन्होंने कहा कि *यह आप लोगों की संपत्ति है, इसका समुचित उपयोग कीजिए। बिना भेदभाव किये समाज के सभी वर्गों के लोग इसका लाभ ले सकें ऐसी व्यवस्था रखिए ताकि आने वाले दिनों में यह माॅडल आदर्श पुस्तकालय बन सके,* जिससे दूसरे गांव में अधिष्ठापित पुस्तकालय में काॅम्पिटीशन की भावना जागृत हो सके।
डीआरडीए निदेशक द्वारा कहा गया कि छात्र छात्रां यहां आकर पढ़ाई करे। नौकरी पाने के लिए नहीं बल्कि जानकारी के लिए भी पढ़ाई करें साथ ही यहां सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। मोबाइल फोन में गेम खेलना और सोशल मीडिया छोड़कर कुछ समय बच्चे पढ़ाई करें।
डीआरडीए निदेशक द्वारा कहा गया कि क्षेत्र के बुद्धिजीवी, सरकारी कर्मचारी, पदाधिकारी, डॉक्टर, पत्रकार सहित अन्य भी लाइब्रेरी में समय दें। साथ ही अपने से छोटे बच्चों को ज्ञान की बातें बताएं या कैसे परीक्षा की तैयारी करनी है यह सब बताएं।
उन्होंने कहा कि *जामताड़ा जिले में शिक्षा के स्तर को सुधारने की दिशा में उपायुक्त महोदय के पहल पर जिला के 60 से अधिक पंचायतों में इस वित्तीय वर्ष में समुदायिक पुस्तकालय खोला जाना है।*
प्रखंड विकास पदाधिकारी नाला श्री कौशल कुमार ने भी अपने विचार रखे।
उक्त अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित पुस्तकालय कार्यकारिणी समिति के अध्यक्ष, सचिव एवं विभिन्न छात्र छात्राएँ आदि उपस्थित थे।

