Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » उइगर मुसलमानों को सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर कर रहा चीन
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    उइगर मुसलमानों को सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर कर रहा चीन

    Devanand SinghBy Devanand SinghDecember 10, 2020No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    बीजिंग. उइगर मुस्लिमों के खिलाफ चीन का दमन जारी है और ये हर दिन मानवता की सीमाएं लांघता जा रहा है. चीन उइगर मुस्लिमों को हर शुक्रवार को री एजुकेशन कैंप में सूअर का मांस खाने को मजबूर रहा है. इसके अलावा चीन के नजरबंदी कैंप से लीक हुई कैदियों की एक दुर्लभ सूची से पता चला है कि किस प्रकार उइगर मुस्लिम एक सरकारी डेटा प्रोग्राम का निशाना बन रहे हैं. इसके जरिए उन्हें ऐसे अपराधों के लिए हिरासत में लिया जा रहा है जिनमें महज युवा होना या दूसरे देश में रह रहे अपने भाई या बहन से बात करना शामिल है.

    ह्यूमन राइट्स वॉच को मिले डेटाबेस से खुलासा हुआ है कि किस प्रकार शिनजियांग प्रांत में चीनी अधिकारी डेटा आधारित पुलिसिंग नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो लोगों के व्यक्तिगत नेटवर्क, उनकी ऑनलाइन गतिविधियां और दैनिक जीवन को ट्रैक करता है. इस लिस्ट में 2000 से ज्यादा उइगर मुसलमानों का डेटाबेस है जिन्हें अक्सू प्रांत में 2016 से 2018 के बीच नजरबंदी कैंपों में हिरासत में रखा गया है. अधिकांश लोग महज इसलिए हिरासत में लिए गए हैं क्योंकि उन्हें इंटीग्रेटेड जॉइंट ऑपरेशन प्लेटफार्म (IJOP) द्वारा संदिग्ध माना गया है.

    उधर सूअर का मांस खिलाने वाली चीन सरकार की इस नापाक हरकत का शिकार रहीं सयारगुल सौतबे ने इसका खुलासा किया है. उन्‍होंने कहा कि अगर कोई उइगर मुस्लिम ऐसा करने से मना कर देता है तो उसे कठोर सजा दी जाती है. यही नहीं शिंजियांग इलाके में सूअर पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है. सयारगुल ने अलजजीरा को दिए इंटरव्‍यू में कहा, हर शुक्रवार को हमें सूअर का मांस खाने के लिए मजबूर किया जाता है…उन्‍होंने जानबूझकर शुक्रवार का दिन चुना है जो मुस्लिमों के लिए पवित्र दिन माना जाता है. अगर आप ऐसा करने से मना कर देते हैं तो आपको कड़ी सजा दी जाती है. सयारगुल सौतबे स्‍वीडन में चिकित्‍सक और शिक्षक हैं. हाल ही में उन्‍होंने अपनी एक किताब प्रकाशित की है और इसमें अपने साथ हुई यातनाओं और पिटाई का जिक्र किया है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleदुमका: पति को बंधक बनाकर 17 लोगों ने महिला से किया गैंगरेप
    Next Article युवाओं तक ड्रग्‍स पहुंचाने वाली महिला इंदौर में गिरफ्तार

    Related Posts

    1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपियों को कोर्ट से फिर झटका

    June 24, 2026

    1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपियों को कोर्ट से फिर झटका लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित ठगी मामले में सचिदानंद प्रसाद और सुरेश प्रसाद की अग्रिम जमानत याचिका दूसरी बार खारिज जमशेदपुर, 24 जून 2026। लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े चर्चित मामले में आरोपियों को एक बार फिर न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। माननीय द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जमशेदपुर ने ए.बी.पी. संख्या 728/26 में आरोपी सचिदानंद प्रसाद एवं सुरेश प्रसाद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला एनएच डिमना पारडीह रोड, मानगो , जमशेदपुर स्थित एलीट हॉस्पिटल, अब स्पंद हॉस्पिटल के पूर्व के निदेशकों द्वारा शहर के प्रसिद्ध हृदय विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता के साथ लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से संबंधित है। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 406 एवं 120 बी के तहत आरोप तय करते हुए उलीडीह थाना द्वारा कोर्ट में चर्जशीट दाखिल किया गया हैं। मामले की सुनवाई 22 जून 2026 को पूरी हुई थी, जिसके बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इसके पश्चात 24 जून 2026 को माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की दूसरी बार दायर अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार करते हुए खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार सिन्हा एवं अधिवक्ता श्वेता सिन्हा ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता के.एम. सिंह ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय के इस आदेश को मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिला है कि प्रस्तुत तथ्यों, आरोपों की गंभीरता एवं मामले की प्रकृति को देखते हुए न्यायालय ने आरोपियों को इस स्तर पर राहत देना उचित नहीं समझा। प्रकरण की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर भी इस आदेश का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।

    June 24, 2026

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने टीएमएच में विधायक पूर्णिमा से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल

    June 24, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपियों को कोर्ट से फिर झटका

    1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के आरोपियों को कोर्ट से फिर झटका लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित ठगी मामले में सचिदानंद प्रसाद और सुरेश प्रसाद की अग्रिम जमानत याचिका दूसरी बार खारिज जमशेदपुर, 24 जून 2026। लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े चर्चित मामले में आरोपियों को एक बार फिर न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। माननीय द्वितीय अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जमशेदपुर ने ए.बी.पी. संख्या 728/26 में आरोपी सचिदानंद प्रसाद एवं सुरेश प्रसाद द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका को दूसरी बार खारिज कर दिया है। उल्लेखनीय है कि यह मामला एनएच डिमना पारडीह रोड, मानगो , जमशेदपुर स्थित एलीट हॉस्पिटल, अब स्पंद हॉस्पिटल के पूर्व के निदेशकों द्वारा शहर के प्रसिद्ध हृदय विशेषज्ञ डॉ. संतोष कुमार गुप्ता के साथ लगभग 1 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी से संबंधित है। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 420 406 एवं 120 बी के तहत आरोप तय करते हुए उलीडीह थाना द्वारा कोर्ट में चर्जशीट दाखिल किया गया हैं। मामले की सुनवाई 22 जून 2026 को पूरी हुई थी, जिसके बाद न्यायालय ने अपना आदेश सुरक्षित रख लिया था। इसके पश्चात 24 जून 2026 को माननीय न्यायालय ने दोनों आरोपियों की दूसरी बार दायर अग्रिम जमानत याचिका को अस्वीकार करते हुए खारिज कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार सिन्हा एवं अधिवक्ता श्वेता सिन्हा ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा, जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता के.एम. सिंह ने अपना पक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय के इस आदेश को मामले में एक महत्वपूर्ण कानूनी प्रगति माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिला है कि प्रस्तुत तथ्यों, आरोपों की गंभीरता एवं मामले की प्रकृति को देखते हुए न्यायालय ने आरोपियों को इस स्तर पर राहत देना उचित नहीं समझा। प्रकरण की आगे की न्यायिक प्रक्रिया पर भी इस आदेश का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।

    भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने टीएमएच में विधायक पूर्णिमा से की मुलाकात, जाना स्वास्थ्य का हाल

    गिरिडीह मकतपुर में बिजली संकट पर फूटा लोगों का गुस्सा, सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

    मोहर्रम पर शास्त्री नगर में इंसानियत का पैगाम, 8 हजार लोगों ने ग्रहण किया विशाल लंगर

    मुहर्रम को लेकर उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, अवैध शराब के साथ एक गिरफ्तार

    डीसी ऑफिस के पास सड़क हादसे में महिला की मौत, चालक वाहन समेत फरार

    भरत तिवारी मुठभेड़ प्रकरण: उसके गांव पहुंचे प्रशांत किशोर, न्यायिक जांच की निगरानी की मांग

    राम मंदिर से दान गायब मामले में प्राथमिकी के बिना एसआईटी ‘बिना तीर की कमान’ है: अखिलेश

    सब्जी विक्रेता की ईमानदारी: ढाई लाख के सोने के आभूषण लौटाकर पेश की मिसाल

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.