Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » नवाज शरीफ ने खुलेआम कहा, पाकिस्‍तान को ब्लैकलिस्ट में डाला जाना तय
    Breaking News Headlines अन्तर्राष्ट्रीय

    नवाज शरीफ ने खुलेआम कहा, पाकिस्‍तान को ब्लैकलिस्ट में डाला जाना तय

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 28, 2020No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने खुलेआम यह कहकर इमरान खान सरकार को झटका दे दिया है कि देश एफएटीएफ द्वारा कालीसूची (ब्लैकलिस्ट) में डाले जाने के कगार पर है, क्योंकि इसे सैन्य नेतृत्व द्वारा बाहरी मुद्दों में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था.

    शरीफ, जिनका प्रधानमंत्री के रूप में तीसरा कार्यकाल 2013 से 2017 तक बढ़ा था, ने पाकिस्तानी जनरलों के गुस्से को बढ़ा दिया था क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि वह (शरीफ) उन इस्लामिक आतंकवादियों के खिलाफ कार्यवाही करें जो भारत और अफगानिस्तान में सीमा पार से आतंकी हमलों को अंजाम देने के लिए सेना द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे थे नतीजतन शरीफ को आखिरकार पद छोड़ना पड़ा.

    इस्लामाबाद से रायटर की एक रिपोर्ट में शरीफ के हवाले से कहा गया, “जब हमने बताया कि हमारे मित्र देश हमें बाहरी मुद्दों पर हमारी भागीदारी के बारे में चेतावनी दे रहे हैं, जो कि सेना के इशारे पर किए जा रहे थे, तो हम पर हमला किया गया और इसे एक घोटाले में बदल दिया गया.”

    वह रविवार को लंदन से एक वीडियो लिंक के माध्यम से पाकिस्तानी विपक्षी दलों के एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.

    शरीफ ने कहा, “अब पाकिस्तान को एफएटीएफ जैसे प्लेटफार्म द्वारा तय किए गए लक्ष्यों को पूरा करने की कोशिश के शर्म से निपटना होगा.” वह फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) का जिक्र कर रहे थे, जो मनी लॉन्ड्रिंग और टेरर फाइनेंस का मुकाबला करने के लिए काम करने वाला ग्लोबल वाचडॉग है.

    शरीफ का बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान अगले महीने होने वाली बैठक में एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्टेड किए जाने से बचने की कोशिश कर रहा है. फरवरी में एफएटीएफ की बैठक में, पाकिस्तान ने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण मानदंडों का पालन करने के लिए अतिरिक्त चार महीने का समय लिया था, लेकिन चेतावनी दी गई थी कि अगर यह अनुपालन करने में विफल रहा तो उसे कालीसूची में डाल दिया जाएगा.

    एफएटीएफ द्वारा ब्लैकलिस्ट में शामिल किए जाने पर पाकिस्तान को उसी श्रेणी में रखा जाएगा जिसमें ईरान और उत्तर कोरिया को रखा गया है और इसका मतलब यह होगा कि वह अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों जैसे आईएमएफ और विश्व बैंक से कोई ऋण प्राप्त नहीं कर सकेगा. इससे अन्य देशों के साथ वित्तीय डील करने में भी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा.

    भले ही शरीफ को भ्रष्टाचार मामले में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रधानमंत्री पद से हटा दिया गया था लेकिन पाकिस्तान में यह सब जानते हैं कि सेना न्यायपालिका पर भी काफी प्रभाव डालती है.

    शरीफ ने कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा कि पाकिस्तान के इतिहास को देखा जाए तो ज्यादातर सैन्य तानाशाही रही है या जब एक निर्वाचित सरकार थी, तो एक समानांतर सरकार सेना द्वारा चलाई जा रही थी.

    उन्होंने कहा, “हमारा संघर्ष इमरान खान के खिलाफ नहीं है, बल्कि उन ताकतों के खिलाफ है, जिन्होंने उनकी अवैध सरकार को सत्ता में स्थापित किया है. जबकि राजनेताओं को जवाबदेही के नाम पर लगातार प्रताड़ित किया गया.”

    शरीफ ने कहा, “हम चाहते हैं कि निर्वाचित नेता देश के मसलों को हल करें, अर्थव्यवस्था का प्रबंधन करें और विदेश नीति तय करें.”

    उन्होंने इमरान खान सरकार की विदेश नीति की भी आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ गया है. उन्होंने कश्मीर मुद्दे पर सऊदी अरब और इस्लामिक सहयोग संगठन के साथ पाकिस्तान के संबंधों को मजबूत करने का जिम्मा विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को दिया. शरीफ ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई है, महंगाई बढ़ रही है, जबकि पाकिस्तानी रुपया ऐतिहासिक रूप से कम स्तर पर है और आर्थिक विकास में तेजी से मंदी आई है. गुस्साए इमरान खान ने कहा कि शरीफ को इलाज के लिए ब्रिटेन जाने देना गलती थी और इस फैसले का उन्हें अफसोस है.

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleकोरोना काल में खूब फल-फूल रहा है बीमा कंपनियों का कारोबार
    Next Article उड़ीसा सरकार ने अक्टूबर से पर्यटन स्थलों को खोलने का फैसला किया

    Related Posts

    आपके प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर एक प्रकाशन योग्य, आकर्षक और प्रोफेशनल हिंदी समाचार

    June 27, 2026

    दो साल बाद बहरागोड़ा में फिर शुरू होगा पल्स पोलियो अभियान, 28 से 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

    June 27, 2026

    एडीएलएस सनशाइन स्कूल में सीआईएससीई जोनल कराटे चयन ट्रायल्स का आयोजन, 23 स्कूलों के 196 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

    June 27, 2026
    Leave A Reply Cancel Reply

    अभी-अभी

    पोटका में विकराल रूप लेता जा रहा है ब्रेन मलेरिया, प्रदेश से लेकर जिला की टीम पहुंची

    आदित्यपुर जलापूर्ति योजना: 8 साल बाद भी अधूरी, 15 जुलाई तक पानी नहीं तो जन आंदोलन: पुरेन्द्र

    पोटका में विभिन्न गांव में फैला ब्रेन मलेरिया, पोटका सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भर्ती छात्र _ छात्राओं से मिलने पहुंची समाजसेविका दुखनी सोरेन 

    आपके प्रेस विज्ञप्ति के आधार पर एक प्रकाशन योग्य, आकर्षक और प्रोफेशनल हिंदी समाचार

    राष्ट्रीय राजमार्ग-520 भद्राशाही निकट डिवाइडर पर चढ़ा ट्रक, पुलिया मे गिरने से बाल-बाल बचा 

    दो साल बाद बहरागोड़ा में फिर शुरू होगा पल्स पोलियो अभियान, 28 से 30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

    जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव 29 जून से, चांडिल में भक्ति और उत्साह का माहौल

    बोलानी मे शांतिपूर्ण माहौल मे निकाला गया मूहर्रम का जूलस।युवाओं ने दिखाई हैरतअंगेज कारनामे

    एडीएलएस सनशाइन स्कूल में सीआईएससीई जोनल कराटे चयन ट्रायल्स का आयोजन, 23 स्कूलों के 196 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

    सेल के अध्यक्ष ने जेजीओएम एवं ओजीओएम की खनन गतिविधियों की समीक्षा की सुरक्षा, उत्पादन वृद्धि एवं तकनीकी नवाचार पर दिया विशेष बल 

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.