
संस्कारोदय एकेडमी में दिखा सेवा और आध्यात्मिकता का संगम
*डॉ. दिग्विजय भारत ने कहा- अज्ञान का अंधकार मिटाकर हर जीवन में खुशियों का दीप जलाना ही पर्व का सार*
राष्ट्र संवाद संवाददाता, गम्हरिया
सातवाहिनी स्थित संस्कारोदय एकेडमी में दीपावली का आयोजन पारंपरिक उत्सव से आगे बढ़कर सेवा, प्रकृति संरक्षण और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दे गया। संत कबीर सेवा संस्थान के अध्यक्ष एवं विद्यालय निदेशक डॉ. दिग्विजय भारत के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के बुजुर्गों को आमंत्रित कर शॉल, अंगवस्त्र और मिठाइयां देकर सम्मानित किया गया। बच्चों और बुजुर्गों ने साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किए।
रंगोली, दीप सजावट और दीया रूप सज्जा प्रतियोगिता में बच्चों ने उत्साह दिखाया। श्रीराम और माता सीता के वेश में सजे बच्चों ने कार्यक्रम को आकर्षक बना दिया। विद्यालय के शिक्षकों को भी उपहार देकर सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में डॉ. भारत ने कहा कि दीपावली का वास्तविक अर्थ भीतर के अज्ञान को दूर कर ज्ञान और करुणा का प्रकाश फैलाना है। सद्गुरु कबीर साहेब के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने ‘चौथे राम’ अर्थात परम तत्व और आत्मज्ञान के सार को समझने पर बल दिया।
कार्यक्रम में बसंती मुर्मू, पुनका महतो, मीना देवी, कमला देवी, सरमोनी कुंभकार, जगन्नाथ गोराई, विद्या ठाकुर, कृष्ण साह, कुशो महतो, लखिन्दर कैबर्तो, बिनोटा गोराई और लालपरी देवी समेत विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।

