
201 कुमारी कन्याओं ने निकाली भव्य कलश शोभायात्रा, जयकारों से भक्तिमय हुआ माहौल
लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत औगान गांव में शनिवार को भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। यहाँ के रसलपुर पंचायत स्थित मां सुभाषिनी शक्तिपीठ परिसर से 201 कुमारी कन्याओं ने भव्य कलश शोभायात्रा निकाली, जिसने पूरे इलाके के वातावरण को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। माँ काली की आराधना के महापर्व का यह पावन अवसर क्षेत्र के निवासियों के लिए विशेष महत्व रखता है।
भव्य कलश शोभायात्रा का आयोजन
इस अद्भुत शोभायात्रा के दौरान सभी कन्याएं पारंपरिक और रंग-बिरंगे परिधानों में सजी-धजी थीं। उनके हाथों में कलश थे और मुख पर माँ काली के जयकारे थे, जो दूर-दूर तक गुंजायमान हो रहे थे। गाजे-बाजे की धुन पर थिरकते श्रद्धालु और भक्ति गीतों के बीच निकली यह शोभायात्रा औगान गांव से शुरू होकर बनहारा ढाला और रसलपुर के विभिन्न रास्तों से गुजरी। मार्ग के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा कन्याओं पर पुष्प वर्षा की गई। अंत में, यह यात्रा पुनः पूजा स्थल पर पहुंची, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विद्वान पंडितों ने कलश की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई।
पांच दिवसीय काली पूजनोत्सव की शुरुआत
इस शोभायात्रा के साथ ही पांच दिवसीय काली पूजनोत्सव का विधिवत शुभारंभ हो गया है। पूजा समिति के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने बताया कि इस वर्ष आयोजन को और भी भव्य बनाया गया है। पूजा स्थल पर एक विशाल और आकर्षक पंडाल का निर्माण कराया गया है, जहाँ माँ काली की अद्भुत प्रतिमा स्थापित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यहाँ विशेष व्यवस्था की गई है ताकि वे शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।
पूजा समिति के अन्य सदस्य, जिनमें राहुल कुमार, रजनीश कुमार, कुंदन कुमार, चिंटू चौधरी, दीपक कुमार और विकास कुमार झा शामिल हैं, दिन-रात तैयारियों में जुटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि यह उत्सव न केवल पूजा-पाठ का केंद्र है, बल्कि ग्रामीणों के आपसी भाईचारे का भी प्रतीक है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
- दिवाली की रात: 8 नवंबर को दीपावली की विशेष निशा पूजा का आयोजन किया जाएगा, जो तंत्र-मंत्र और आस्था की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए भव्य मेले का आयोजन किया गया है, साथ ही विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।
- विसर्जन: 12 नवंबर को पूरे विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ कलश विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न होगी।
इस अवसर पर भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु उपस्थित रहे। सुरक्षा और व्यवस्था की दृष्टि से भी पूजा समिति के सदस्यों ने पूरी सतर्कता बरती है। लोगों में इस भव्य आयोजन को लेकर भारी उत्साह है और अगले पांच दिनों तक क्षेत्र में भक्तिमय माहौल रहने की उम्मीद है। यह आयोजन माँ काली के प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा का जीता-जागता प्रमाण है।

