
कालिया दमन अहंकार के नाश का प्रतीक : आलोक कृष्ण शास्त्री
राष्ट्र संवाद संवाददाता, पोटका
पोटका के जामदा गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान महायज्ञ के छठे दिन बुधवार को कथा व्यास पूज्य श्री श्री आलोक कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने कालिया दमन, गिरिराज गोवर्धन धारण और महारास लीला के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
कालिया दमन प्रसंग की व्याख्या करते हुए शास्त्री जी ने कहा कि कालिया नाग मनुष्य के भीतर छिपे अहंकार और नकारात्मक विकारों का प्रतीक है। भगवान श्रीकृष्ण ने यमुना को विषमुक्त करने के लिए कालिया के फनों पर नृत्य कर उसका दर्प चूर किया था। इसी प्रकार ईश्वर की शरणागति और सत्संग से ही मनुष्य अपने अंतर्मन के अहंकार और विकारों पर विजय पा सकता है।
गिरिराज गोवर्धन धारण प्रसंग के माध्यम से उन्होंने प्रकृति, जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। वहीं महारास लीला को जीवात्मा और परमात्मा के विशुद्ध मिलन का अलौकिक प्रतीक बताया।
कथा के दौरान संगीतमय भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूमते रहे। भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा पंडाल गूंज उठा। महायज्ञ में जामदा सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, गणमान्य ग्रामीण और आयोजन समिति के सदस्य उपस्थित रहे।

