Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » दक्षिण पूर्व रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से कमाए 403.86 करोड़ रुपये, रचा नया इतिहास
    Breaking News Business Headlines खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    दक्षिण पूर्व रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से कमाए 403.86 करोड़ रुपये, रचा नया इतिहास

    Devanand SinghBy Devanand SinghNovember 3, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    स्क्रैप बिक्री
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    नमस्कार पाठकों! स्थानीय रिपोर्टिंग के इस खास अंक में आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसी बड़ी उपलब्धि की, जिसने पूरे देश में रेलवे महकमे का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। हमारी स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण पूर्व रेलवे ने अपनी बेहतरीन कार्यशैली और कड़े प्रशासनिक फैसलों के दम पर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। रेलवे ने अपनी कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव लाते हुए कबाड़ या बेकार पड़े सामान का सही इस्तेमाल करना शुरू किया, जिसके अद्भुत परिणाम अब सामने आ रहे हैं। इस अभियान के तहत रेलवे ने देश के तमाम जोनों को पीछे छोड़ते हुए एक नया आयाम गढ़ा है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है।

    दक्षिण पूर्व रेलवे ने स्क्रैप बिक्री से कमाए 403.86 करोड़ रुपये

    कोलकाता और जमशेदपुर से मिल रही खास रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण पूर्व रेलवे (SER) ने स्क्रैप बिक्री के मामले में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। अक्टूबर तक के आंकड़ों पर गौर करें तो रेलवे ने कबाड़ बेचकर कुल 403.86 करोड़ रुपये का भारी-भरकम राजस्व अर्जित किया है। इस बड़ी उपलब्धि के साथ ही दक्षिण पूर्व रेलवे चालू वित्तीय वर्ष में 400 करोड़ रुपये का जादुई आंकड़ा पार करने वाला देश का पहला और इकलौता जोनल रेलवे बन गया है। यह आंकड़ा वाकई हैरान करने वाला है और रेलवे के भीतर वित्तीय अनुशासन की एक नई मिसाल पेश करता है।

    रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह कमाई पिछले साल की समान अवधि की तुलना में पूरे 55.37 प्रतिशत अधिक है। यही नहीं, वित्तीय वर्ष के लिए तय किए गए अनुपातिक लक्ष्य जो कि 240 करोड़ रुपये था, उससे यह कमाई 68.28 प्रतिशत ज्यादा है। यह इस बात का सबूत है कि अगर सही दिशा में मेहनत की जाए, तो बेकार पड़ी चीजों से भी मालामाल हुआ जा सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप भारतीय रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जा सकते हैं।

    स्वच्छता अभियान और जीरो स्क्रैप नीति का कमाल

    इस पूरी सफलता के पीछे सिर्फ कबाड़ बेचना ही नहीं, बल्कि एक सुनियोजित स्वच्छता अभियान भी है। केंद्र सरकार के स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के तहत अकेले अक्टूबर के महीने में ही 90.43 करोड़ रुपये के कबाड़ की रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गई। जबकि इस महीने के लिए शुरुआती लक्ष्य महज 49 करोड़ रुपये का ही रखा गया था। किसी भी जोनल रेलवे द्वारा अभियान की अवधि में की गई यह अब तक की सबसे बड़ी और सर्वाधिक बिक्री है, जिसने पुराने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं।

    इस पूरे अभियान को जमीन पर उतारने में महाप्रबंधक अनिल कुमार जैन के मार्गदर्शन ने सबसे अहम भूमिका निभाई है। उनके नेतृत्व में रेलवे ने ‘जीरो स्क्रैप’ अभियान को युद्धस्तर पर गति दी। इसका नतीजा यह हुआ कि दक्षिण पूर्व रेलवे की ज्यादातर कार्य इकाइयों को अब ‘जीरो स्क्रैप’ का आधिकारिक दर्जा मिल चुका है। रेलवे परिसरों, बड़े-बड़े डिपो, वर्कशॉप और शेड के कोनों-कोनों से अनुपयोगी सामग्री की पहचान की गई और पूरी पारदर्शिता के साथ उसका निस्तारण किया गया।

    स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यावरण पर असर

    इस अद्भुत पहल से न केवल रेलवे को बंपर अतिरिक्त राजस्व की प्राप्ति हुई है, बल्कि हमारे स्थानीय रेलवे परिसरों की सूरत भी पूरी तरह बदल गई है। सालों से पड़े कबाड़ के हटने से डिपो और वर्कशॉप साफ-सुथरे हो गए हैं, जिससे काम करने का माहौल भी खुशनुमा हुआ है। संसाधनों के इस बेहतर और आधुनिक प्रबंधन से न सिर्फ रेलवे की कार्यक्षमता बढ़ी है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम उठाया गया है। स्थानीय लोगों और रेलकर्मियों में इस बात की खासी खुशी है कि उनके क्षेत्र की रेलवे ने पूरे देश में एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। आने वाले दिनों में इस तरह के अभियानों से रेलवे को और भी मजबूती मिलने की पूरी उम्मीद है।

    جمशेदपुर न्यूज़ कोलकाता समाचार दक्षिण पूर्व रेलवे भारतीय रेलवे स्क्रैप बिक्री
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleहल्दीपोखर और सिदिरसाई में ट्रेन ठहराव के लिए झामुमो का धरना, संजीव सरदार ने दी आंदोलन की चेतावनी
    Next Article फाइव-स्टार अचीवर अवॉर्ड से सम्मानित हुआ टाटा स्टील का वेस्ट बोकारो डिवीजन

    Related Posts

    रंगोली प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चों की कलाकृति ने मोहा सबका मन

    November 3, 2026

    रिया कुमारी का सम्मान समारोह पांच नवंबर को: जानिए पूरी जानकारी

    November 3, 2026

    युवा कांग्रेस अध्यक्ष को कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

    November 3, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    रंगोली प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चों की कलाकृति ने मोहा सबका मन

    रिया कुमारी का सम्मान समारोह पांच नवंबर को: जानिए पूरी जानकारी

    युवा कांग्रेस अध्यक्ष को कार्यकर्ताओं ने दी बधाई

    रियाजुद्दीन खान ने भाजपा के ‘अराजकता हटाओ, देश बचाओ’ अभियान को बताया हास्यास्पद

    ग्रामसभा की सहमति के बिना कचरा प्लांट का विरोध, वार्ड सभा में उठी आवाज

    सिमटते जंगल से हाथियों का पलायन, दलमा में बढ़े रेस्क्यू हाथी; सात माह का शेखर बना नया मेहमान*l

    पुरी-बादामपहाड़ एक्सप्रेस के ठहराव पर आर-पार की लड़ाई

    हेलमेट चेकिंग के नाम पर कार्रवाई पर उठे सवाल, बीमार महिला से वसूला ₹1,000 का चालान

    34.87 करोड़ के निर्माणाधीन डिग्री कॉलेज की गुणवत्ता को लेकर संशय

    थाना से चंद कदम दूर चोरों ने तोड़ा दुकान का ताला

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.