

सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के शुभ अवसर पर पटेल महापरिवार की ओर से रविवार, 1 नवंबर को नौवां प्रतिभा सम्मान समारोह बड़े ही हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। इस आयोजन ने कुर्मी-कुशवाहा समाज की शैक्षिक चेतना को एक नई दिशा दी। समारोह का मुख्य आकर्षण समाज के उन होनहार बेटे-बेटियों का सम्मान था, जिन्होंने कक्षा 10वीं, 12वीं, स्नातक एवं स्नातकोत्तर की परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर समाज का गौरव बढ़ाया है।
मेधावी विद्यार्थियों पर बरसी सम्मान की वर्षा
समारोह के दौरान मंच पर जब मेधावी छात्र-छात्राएं पहुंचे, तो तालियों की गड़गड़ाहट से पंडाल गूंज उठा। आयोजकों ने प्रत्येक विद्यार्थी को स्मृति चिह्न, मेडल और प्रमाण पत्र भेंट कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उपस्थित अभिभावकों की आंखों में अपने बच्चों की सफलता का गर्व साफ झलक रहा था। पटेल महापरिवार के अध्यक्ष धर्मवीर सिंह ने कहा कि यह सम्मान मात्र एक पुरस्कार नहीं, बल्कि समाज की नई पीढ़ी को शिक्षा के प्रति समर्पित रहने का एक संकल्प है।
विजय कुमार सिंह ने दिया शिक्षा को नया आयाम
कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण तब आया जब प्रसिद्ध समाजसेवी विजय कुमार सिंह ने अपनी ओर से तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों सुनीधि सिन्हा, शौर्य एवं देवांग कुमार को 11-11 हजार रुपये की नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की। इस घोषणा ने उपस्थित हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया। विजय कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना समाज की जिम्मेदारी है। शिक्षा ही वह शस्त्र है जिससे समाज अपनी तकदीर बदल सकता है।” उनकी इस उदार पहल की चर्चा समारोह समाप्त होने के बाद भी देर तक होती रही।
प्रतिभा सम्मान समारोह में गूंजा ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो’ का मंत्र
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जदयू सांसद खीरू महतो ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए सरदार पटेल के आदर्शों को याद किया। उन्होंने कहा कि ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो’ ही शिक्षा का मूल मंत्र है। सांसद महतो ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डिग्री हासिल करने तक सीमित न रहें, बल्कि अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र निर्माण में करें। उनके ओजस्वी भाषण ने युवाओं में नई ऊर्जा का संचार किया।
आयोजन को सफल बनाने में जुटा पूरा संगठन
इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में पटेल महापरिवार की पूरी टीम ने दिन-रात एक कर दिया। कार्यकारी अध्यक्ष शैलेन्द्र सिन्हा और महासचिव संजीव सिन्हा की देखरेख में हर व्यवस्था चाक-चौबंद नजर आई। मंच संचालन कर रहे सुमित सिन्हा ने अपनी वाकपटुता से समारोह को बांधे रखा। वहीं, प्रशांत मेहता, विश्राम प्रसाद, अधिवक्ता निर्मल कुमार, वृन्द कुमार सिंह, ललन प्रसाद सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ा दी।
समाज की एकजुटता बनी मिसाल
यह प्रतिभा सम्मान समारोह महज एक वार्षिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह कुर्मी-कुशवाहा समाज की एकजुटता और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का जीवंत दस्तावेज बन चुका है। नौ वर्षों की इस यात्रा में सैकड़ों प्रतिभाएं इस मंच से सम्मानित होकर आज विभिन्न क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन कर रही हैं। कार्यक्रम के अंत में महासचिव संजीव सिन्हा ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए अगले वर्ष और अधिक भव्य आयोजन का संकल्प दोहराया।
शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे सामाजिक प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी होती रही है। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार भी सामुदायिक भागीदारी से शैक्षिक उन्नयन की नीतियों पर बल देता रहा है। पटेल महापरिवार की यह पहल उसी दिशा में एक सशक्त कदम है।

