लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
भारत रत्न एवं देश के लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर शनिवार, 31 अक्टूबर को जमशेदपुर में राष्ट्रीय एकता मार्च का भव्य आयोजन किया गया। पटेल स्मारक समिति, जमशेदपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में समिति के सदस्यों एवं स्थानीय लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो शामिल हुए और मार्च का नेतृत्व किया।
राष्ट्रीय एकता मार्च का ऐतिहासिक आयोजन और मार्ग विवरण
राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से सुबह 8:30 बजे बिष्टुपुर स्थित पटेल स्मारक स्थल (खरकई पुल के समीप गोलचक्कर) से मार्च की शुरुआत हुई। मार्च निर्धारित मार्ग से होते हुए आदित्यपुर स्थित पटेल चौक पहुंची। इसके बाद पुनः उसी मार्ग से वापस बिष्टुपुर स्थित पटेल स्मारक स्थल पर आकर संपन्न हुई। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में नागरिक, छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा और सरदार पटेल के चित्र लिए भारत माता की जय और सरदार पटेल अमर रहें के नारे लगाते चल रहे थे।
सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए वक्ताओं ने दिया संदेश
इस अवसर पर सरदार वल्लभभाई पटेल के राष्ट्र निर्माण में अतुलनीय योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के बाद विभिन्न रियासतों का एकीकरण कर अखंड भारत के निर्माण में सरदार पटेल की ऐतिहासिक भूमिका रही। उनके दृढ़ नेतृत्व और दूरदर्शिता के कारण ही उन्हें लौह पुरुष के नाम से जाना जाता है। सांसद विद्युत वरण महतो ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने 562 से अधिक रियासतों का विलय कराकर मजबूत भारत की नींव रखी थी। आज राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई जा रही यह जयंती हमें उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा देती है।
पटेल स्मारक समिति का उद्देश्य नई पीढ़ी को सरदार पटेल के विचारों, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से परिचित कराना है। राष्ट्रीय एकता मार्च के माध्यम से लोगों को आपसी भाईचारे, सामाजिक सद्भाव और देश की एकता एवं अखंडता बनाए रखने का संदेश दिया गया। समिति के अध्यक्ष ने बताया कि हर वर्ष इस आयोजन को और व्यापक रूप दिया जाता है ताकि युवा पीढ़ी देश के इतिहास से जुड़ी रहे।
कार्यक्रम के दौरान कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मास्क और सामाजिक दूरी का ध्यान रखा गया। मार्च में शामिल प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे देश की एकता और अखंडता के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। इस अवसर पर स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिसमें देशभक्ति गीतों ने समां बांध दिया। राष्ट्रीय एकता दिवस के बारे में अधिक जानें।
जमशेदपुर की सड़कों पर निकले इस मार्च ने यह साबित कर दिया कि सरदार पटेल का सपना आज भी हर भारतीय के दिल में जिंदा है। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस मुस्तैद रही। शाम को पटेल स्मारक पर दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

