लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर शहर में आगामी त्योहारों के मद्देनजर दीपावली, कालीपूजा और छठ पर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। शहर की शांति, सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। समाहरणालय सभागार में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में सभी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त राजीव रंजन ने की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. ऐहतेशाम वकारिब और सिटी एसपी ललित मीणा समेत विभिन्न सरकारी विभागों के आला अधिकारी और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पर्वों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
दीपावली, कालीपूजा और छठ पर्व की तैयारियों को लेकर प्रशासन अलर्ट: मुख्य बिंदु
उपायुक्त राजीव रंजन ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से अपनी तैयारियां पूरी करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सभी पदाधिकारी मौके पर जाकर निरीक्षण करें।
पटाखा दुकानों और खाद्य सुरक्षा पर निगरानी
दीपावली के अवसर पर पटाखे की बिक्री के लिए कड़े नियम लागू किए गए हैं। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि केवल वैध लाइसेंस धारकों को ही दुकानें खोलने की अनुमति होगी। दुकानों के बीच पर्याप्त दूरी, अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और विद्युत सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
विशेष रूप से आम बगान जैसे प्रमुख बिक्री केंद्रों पर अग्निशमन वाहनों की तैनाती रहेगी। इसके अलावा, खाद्य सुरक्षा विभाग को बाजारों में मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांच करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मिलावटखोरी पर लगाम लगाई जा सके। आप भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) की गाइडलाइन्स के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित कर सकते हैं।
कालीपूजा और प्रतिमा विसर्जन की व्यवस्था
कालीपूजा के बाद प्रतिमा विसर्जन को लेकर विशेष योजना बनाई गई है। विसर्जन स्थलों पर समुचित साफ-सफाई, पर्याप्त रोशनी और बैरिकेडिंग के इंतजाम किए जाएंगे। ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिया गया है कि विसर्जन मार्ग में कोई बदलाव न हो और यातायात सुचारू रूप से चलता रहे।
छठ महापर्व के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम
छठ पूजा के लिए शहर के सभी प्रमुख और स्थानीय घाटों का निरीक्षण किया जाएगा। प्रशासन द्वारा घाटों के पहुंच पथ की मरम्मत, समतलीकरण, पेयजल, शौचालय और चेंजिंग रूम की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
सुरक्षा के लिहाज से नदी और तालाबों के जलस्तर की जांच कर खतरनाक स्थलों को चिह्नित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में लाल झंडे और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। घाटों पर गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट और अन्य बचाव उपकरण तैनात रहेंगे।
भीड़ प्रबंधन के लिए पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए निगरानी की जाएगी। एक समर्पित नियंत्रण कक्ष (Control Room) भी स्थापित किया जाएगा ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अंत में, उपायुक्त ने दोहराया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा प्रशासन की जिम्मेदारी है और सभी विभाग अलर्ट रहकर अपनी ड्यूटी निभाएं।

