बारिश से रवि की खेती को मिलेगी रफ्तार, गेहूं की बेहतर पैदावार होने की जगह उम्मीद
दोपहर में हुई तेज बारिश, मौसम बदला तो लोगों को महसूस हुई ठंड का मौसम
बेगूसराय/ राष्ट्र संवाद ब्यूरो
गुरुवार सुबह से हो रही बूंदाबांदी दोपहर में तेज बारिश में बदल गई। इससे तेघड़ा में मौसम का मिजाज बदल गया और लोगों को हल्की ठंड का एहसास हुआ। वहीं, बारिश से रबी की खेती के लिए खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद जगी है। अक्टूबर का अंतिम सप्ताह चल रहा है और गेहूं की बुवाई की तैयारी जारी है। खेतों में पर्याप्त नमी रहने से गेहूं के बीजों के अंकुरण में मदद मिल सकती है और अनुकूल समय के साथ बेहतर पैदावार की उम्मीद बढ़ सकती है।
क्षेत्र में मटर, दलहन और तिलहन की अधिकांश बुवाई पूरी हो चुकी है। कुछ खेतों में बुवाई बाकी है, जबकि किसान गेहूं की बुवाई और आलू लगाने की तैयारी कर रहे हैं। गेहूं की बुवाई के लिए 14 नवंबर से 15 दिसंबर तक का समय महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में बारिश से खेतों में नमी बनी रही तो किसानों को गेहूं की बुवाई में मदद मिल सकती है।
बारिश से खेतों में लगी मटर, दलहन, तिलहन और टमाटर, गोभी, बैंगन व मिर्च जैसी सब्जियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अधिक बारिश होने पर दलहन-तिलहन की बची हुई बुवाई और आलू लगाने का काम पिछड़ सकता है। इससे फसलों की बुवाई में देरी होने के कारण उत्पादन पर भी असर पड़ने की आशंका है।

