बेगूसराय में दो दिवसीय युवा महोत्सव का आयोजन
बेगूसराय/ राष्ट्र संवाद ब्यूरो
बुधवार को आर्ट गैलरी (प्रेक्षागृह), बेगूसराय में दो दिवसीय जिला स्तरीय युवा उत्सव 2026 का शुभारंभ हुआ। जिलाधिकारी रिची पांडेय, उप विकास आयुक्त आकाश चौधरी, जिला खेल पदाधिकारी बिट्टू कुमार तथा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत एवं राष्ट्रगान की प्रस्तुति से हुई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी रिची पांडेय ने कहा कि युवा उत्सव का उद्देश्य युवाओं की कलात्मक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक प्रतिभा को सशक्त मंच प्रदान करना है। कला एवं संस्कृति मानव के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण आधार हैं। बेगूसराय की धरती कला और साहित्य के क्षेत्र में समृद्ध रही है तथा यह राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व के युवा देशों में अग्रणी है और युवाओं के कंधों पर ही देश का भविष्य टिका है।
युवाओं को अपनी सकारात्मक ऊर्जा समाज एवं राष्ट्रहित में लगाते हुए लक्ष्य निर्धारित कर उसके प्रति समर्पित रहना चाहिए।
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री श्याम कुमार सहनी ने बताया कि युवा उत्सव में जिले के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विभिन्न संस्थाओं के 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कलाकार राज्य स्तरीय युवा उत्सव में बेगूसराय का प्रतिनिधित्व करेंगे। उत्सव के अंतर्गत समूह लोकनृत्य, समूह लोकगीत, नुक्कड़ नाटक, शास्त्रीय गायन, वादन एवं नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही हैं। दृश्य कला के अंतर्गत चित्रकला, मूर्तिकला एवं फोटोग्राफी तथा साहित्यिक विधाओं में कविता लेखन, कहानी लेखन एवं वक्तृता प्रतियोगिता शामिल हैं। समूह लोकगीत, समूह लोकनृत्य, नुक्कड़ नाटक, चित्रकला एवं कविता लेखन की प्रतियोगिताएं राष्ट्रीय स्तर तक आयोजित होंगी, जबकि अन्य विधाओं की प्रतियोगिताएं जिला स्तर तक सीमित रहेंगी।
उत्सव के प्रथम दिन एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकल गायन, समूह गायन, फोटोग्राफी, मूर्तिकला, हस्तशिल्प, चित्रकला, कविता लेखन एवं कहानी लेखन की प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। नृत्य विधा में श्री राजचंद्र ठाकुर, श्री कृष्ण मोहन गिरी एवं श्रीमती सोनी कुमारी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। गायन विधा में डॉ. मनोहर गोपाल, डॉ. सुप्रिया कुमारी एवं श्री किशोरी मिश्रा निर्णायक रहे। कविता एवं कहानी लेखन में डॉ. सच्चिदानंद पाठक, श्री निरंजन कुमार एवं श्री राम सुंदर गांधी ने निर्णायक की भूमिका निभाई। वहीं चित्रकला, मूर्तिकला, फोटोग्राफी एवं हस्तशिल्प में श्री इंद्र मोहन प्रसाद, श्री मनीष कौशिक एवं श्री प्रवीण कुमार ने प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक श्री गौरव कुमार पाठक ने किया।

