चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र के बुकरु में प्रत्येक गाड़ी तीन सौ की अवैध वसूली
राष्ट्र संवाद संवाददाता
चतरा: सीसीएल के चंद्रगुप्त कोल परियोजना क्षेत्र में इन दिनों रैयत विस्थापित समिति के माध्यम से अवैध वसूली करने की चर्चा जोरों पर है। बताया जाता है कि उक्त गठित अवैध समिति के सदस्यों द्वारा बुकरु या उसके आस-पास कोयला लेकर जाने वाले प्रत्येक वाहनों से तीन सौ रुपए की वसूली की जाती है। दावा किया जाता है कि वसूली करने वाले लोगों द्वारा सफेदपोशों पुछल्ले गिरोहों से सांठ-गांठ की गई है एवं उनको निर्धारित हिस्सेदारी देकर पूरा संरक्षण प्राप्त किया गया है। मिली जानकारी के अनुसार रुपए लेने के बाद वसूली कर्ताओं द्वारा बतौर एक पीले रंग की पर्ची दी जाती है जिसमें चंद्रगुप्त कोल परियोजना रैयत विस्थापित समिति, बुकरु का नाम अंकित है। सूत्रों का दावा है कि अमूमन एक सौ भारी वाहन प्रत्येक दिन गुजरते हैं जिससे औसतन 20 से तीस हजार रुपए का संग्रहण होता है। यानी, महीने में न्यूनतम लगभग 10 लाख रुपए की होने वाली बेखौफ वसूली में सफेदपोशों के बड़े सिंडिकेट के शामिल हुवे बगैर पूरी तरह से असंभव है, जिनके बदौलत हीं लगभग पिछले तीन महीने से वसूली का उक्त गोरखधंधा जारी है। हालांकि, मामला प्रकाश में आने पर पुलिस प्रशासन के रुख पर अब आमलोगों की निगाहें टिकी हुई है।

