हर धड़कन की बेहतर देखभाल: टीएमएच की हृदय चिकित्सा में निरंतर प्रगति
हर धड़कन एक स्वस्थ भविष्य की उम्मीद जगाती है। लेकिन जैसे-जैसे हृदय और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियां अलग-अलग आयु वर्ग के लोगों को तेजी से प्रभावित कर रही हैं, हृदय संबंधी स्वास्थ्य आज की स्वास्थ्य सेवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनकर उभरा है।
29 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व हृदय दिवस के अवसर पर, वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन की 2026 की थीम ‘‘एक भी धड़कन न छूटे’’ हमें याद दिलाती है कि बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए रोकथाम, समय पर जांच और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं तक समय पर पहुंच बेहद महत्वपूर्ण है।
एक सदी से भी अधिक समय से, जमशेदपुर स्थित टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) अपने से जुड़े समुदायों की जरूरतों के साथ निरंतर विकसित होता रहा है। टाटा स्टील के कर्मचारियों और उनके परिवारों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से स्थापित यह संस्थान बदलती स्वास्थ्य प्राथमिकताओं के अनुरूप लगातार अपनी क्षमताओं को मजबूत करता रहा है। आज, टीएमएच की हृदय चिकित्सा की यात्रा इस व्यापक प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि उन्नत विशेषज्ञता और विश्वस्तरीय इलाज की सुविधा लोगों को उनके अपने शहर में ही उपलब्ध कराई जाए।
2026 में टीएमएच की दूसरी कैथ लैब और हार्ट केयर यूनिट का उद्घाटन उस यात्रा का नया अध्याय है, जिसकी शुरुआत 2015 में एक कैथ लैब से हुई थी। पिछले एक दशक में यह सेवा चार कार्डियोलॉजिस्ट और 22,000 से अधिक प्रक्रियाओं के साथ एक विशेषज्ञ बहुविषयक हृदय चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित हुई है। हृदय चिकित्सा सेवाओं का दायरा भी काफी बढ़ा है। एंजियोप्लास्टी की संख्या 2015 में 245 से बढ़कर 2025 में 934 हो गई, यानी इसमें लगभग चार गुना वृद्धि हुई। केवल 2025 में विभाग ने 1,760 एंजियोग्राफी और 364 पेसमेकर एवं डिफिब्रिलेटर इम्प्लांटेशन किए। ये आंकड़े उन्नत हृदय चिकित्सा की बढ़ती जरूरत और इसे मरीजों के लिए उनके अपने शहर में ही उपलब्ध कराने की टीएमएच की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
टीएमएच में कार्डियोलॉजी के चीफ कंसल्टेंट एवं हेड, डॉ. मंदार शाह ने कहा, “हृदय रोग तेजी से ऐसे जोखिम कारकों से जुड़ रहे हैं, जिन्हें रोका जा सकता है। जागरूकता, नियमित जांच और समय पर उपचार के जरिए बेहतर परिणाम हासिल करने और जीवन बचाने की काफी संभावनाएं हैं, क्योंकि समय पर उठाया गया कदम स्वास्थ्य परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार ला सकता है।”
उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ, टीएमएच ने नेशनल बोर्ड से मान्यता प्राप्त DrNB कार्डियॉलजी प्रोग्राम के माध्यम से भविष्य की चिकित्सा क्षमताओं को विकसित करने में भी निवेश किया है। यह कार्यक्रम हृदय रोग विशेषज्ञों की नई पीढ़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
आने वाले समय में, अस्पताल की व्यापक हृदय चिकित्सा सेवाओं के विस्तार की योजना के तहत पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजी, उन्नत 3D इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी मैपिंग तथा TAVR और मित्रा क्लिप जैसी स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन सेवाएं शुरू करने की योजना है।
डॉ. शाह ने कहा, “हृदय चिकित्सा का भविष्य केवल नई तकनीकों पर निर्भर नहीं है, बल्कि इस बात पर भी निर्भर करता है कि जरूरत के समय मरीजों को विशेषज्ञ और सही इलाज कितनी जल्दी मिल पाता है। हमारा प्रयास है कि नवाचार, विशेषज्ञता और मरीज-केंद्रित देखभाल को साथ लेकर मरीजों को उनके घर के पास बेहतर इलाज उपलब्ध कराया जाए।”
विश्व हृदय दिवस पर, टीएमएच की यह यात्रा दिखाती है कि विशेषज्ञता, बेहतर सुविधाओं और नई तकनीकों में लगातार निवेश से लोगों को लंबे समय तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकती हैं। हमारा लक्ष्य है कि जरूरत के समय अधिक से अधिक मरीजों को समय पर और बेहतर हृदय चिकित्सा उपलब्ध हो।

