एसआईआर विवाद: भ्रम फैलाकर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर न करें विपक्ष :योगी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक स्वार्थ के लिए भ्रम फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को प्रभावित करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कांग्रेस तथा उसके सहयोगी दलों से अपनी कथित गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी पर नियंत्रण रखने और जनता से माफी मांगने को कहा।
पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि एसआईआर देश में पहली बार नहीं हो रहा है। उनके अनुसार वर्ष 1952, 1957, 1961, 1965-66 और 2003 सहित विभिन्न अवसरों पर मतदाता सूचियों का विशेष पुनरीक्षण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस, सपा, राजद समेत अन्य विपक्षी दलों द्वारा जिस तरह सवाल उठाए जा रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विपक्षी दल चुनाव जीतते हैं तो इसे अपनी राजनीतिक सफलता बताते हैं, लेकिन चुनाव में पराजय होने पर चुनाव आयोग और ईवीएम को जिम्मेदार ठहराते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार, आर्थिक कदाचार, कुनीति और अराजकता जैसे मुद्दों के कारण जनता ने इन दलों को चुनाव में जवाब दिया है।
योगी ने कहा कि विपक्ष द्वारा लगातार चुनाव आयोग सहित संवैधानिक संस्थाओं को कठघरे में खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी के विदेश में दिए गए बयानों तथा ईवीएम को लेकर कांग्रेस की आपत्तियों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन ईवीएम से केंद्र और विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बनीं, उसी चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
उन्होंने 25 जून 1975 के आपातकाल का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाया। साथ ही बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना की कार्रवाई पर विपक्ष की प्रतिक्रियाओं को भी उन्होंने निशाने पर लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तीनों चुनाव आयुक्त मीडिया के समक्ष एसआईआर, छूटे मतदाताओं और फॉर्म-6 से संबंधित स्थिति स्पष्ट कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत में प्रत्येक वयस्क नागरिक को बिना भेदभाव मतदान का अधिकार प्राप्त है और मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की निर्धारित प्रक्रिया भी उपलब्ध है। योगी ने विपक्ष से संवैधानिक संस्थाओं के प्रति जिम्मेदारी बरतने की अपील की।

