फर्जी फिजियोथेरेपी क्लीनिक की आड़ में नर्सिंग होम चलाने का आरोप, फरार चिकित्सक डॉ. एनके सिन्हा देवघर से गिरफ्तार
राजकुमार पासवान की मौत के बाद करीब दो माह से था फरार, किराये के मकान में अहले सुबह पुलिस ने की छापेमारी
राष्ट्र संवाद संवाददाता
गिरिडीह। नगर थाना क्षेत्र के झिंझरी मोहल्ले में फिजियोथेरेपी क्लीनिक की आड़ में नर्सिंग होम संचालित करने और इलाज के दौरान मरीज राजकुमार पासवान की मौत के मामले में फरार चल रहे आरोपित चिकित्सक डॉ. एनके सिन्हा को पुलिस ने देवघर से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बुधवार अहले सुबह करीब चार बजे देवघर स्थित एक किराये के मकान में छापेमारी कर उसे दबोचा।
मामले के अनुसार, पचंबा थाना क्षेत्र निवासी राजकुमार पासवान कंधे में दर्द की शिकायत लेकर डॉ. एनके सिन्हा के क्लीनिक पहुंचे थे। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान इंजेक्शन लगाने के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने क्लीनिक में जमकर हंगामा किया था।
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन आरोपित चिकित्सक परिवार सहित फरार हो गया था। करीब दो माह से पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान सूचना मिली कि वह देवघर में किराये के मकान में छिपकर रह रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद नगर थाना पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने भी संज्ञान लिया था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपित चिकित्सक को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि क्लीनिक में किस प्रकार की चिकित्सा सेवाएं संचालित की जा रही थीं और इलाज के दौरान राजकुमार पासवान की तबीयत बिगड़ने तथा मौत की वास्तविक वजह क्या थी। इलाज में लापरवाही या अन्य अनियमितता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

