*अमलगम स्टील की भूमि व लीज व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग*
मृत्युंजय बर्मन
राष्ट्र संवाद संवाददाता सरायकेला
काण्ड्रा स्थित अमलगम स्टील एंड पावर लिमिटेड द्वारा संचालित व उपयोग की जा रही भूमि, लीज व्यवस्था, राजस्व एवं वन भूमि से जुड़े मामलों में कथित विसंगतियों और अनियमितताओं की तत्काल उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग की गई है। इस संबंध में 27 अगस्त 2026 को सरायकेला विधायक प्रतिनिधि सनन्द कुमार आचार्य द्वारा उपायुक्त, सरायकेला-खरसावां को आवेदन सौंपा गया है।
आवेदन में कहा गया है कि कंपनी से संबंधित भूमि उपयोग, लीज व्यवस्था, राजस्व अभिलेख, वन भूमि तथा अन्य वैधानिक अनुमतियों के संबंध में विभिन्न प्रकार के गंभीर प्रश्न सामने आ रहे हैं। इसलिए केवल विभागीय पत्राचार के बजाय जिला प्रशासन के स्तर से संबंधित सभी अभिलेखों की समेकित जांच आवश्यक है।
आवेदन में मांग की गई है कि कंपनी को आवंटित अथवा लीज पर दी गई कुल भूमि का खाता, प्लॉट, मौजा एवं रकबा सहित पूरा विवरण राजस्व अभिलेखों से सत्यापित कराया जाए। साथ ही कंपनी द्वारा वर्तमान में उपयोग की जा रही भूमि एवं स्वीकृत लीज की भूमि का भौतिक सत्यापन और सीमांकन कराया जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि कंपनी स्वीकृत सीमा से अधिक भूमि का उपयोग तो नहीं कर रही है।
इसके अलावा लीज राशि, लगान, प्रीमियम, शेष राशि, सीएसआर मद, जल कर तथा अन्य सरकारी देय राशि का विभागीय अभिलेखों के आधार पर मिलान कर अब तक जमा एवं बकाया राशि का निर्धारण करने की मांग की गई है।
आवेदन में वन भूमि से जुड़े मामलों की भी विशेष जांच की मांग है। यदि कंपनी के उपयोग में आने वाली भूमि में वन भूमि अथवा वनाधिकार से संबंधित भूमि शामिल है तो उसका खाता, प्लॉट एवं रकबा सहित विवरण प्राप्त कर यह जांच करने को कहा गया है कि उक्त भूमि के उपयोग के लिए सभी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां प्राप्त हैं या नहीं। साथ ही वन भूमि से संबंधित लंबित प्रस्ताव, स्वीकृति, हस्तांतरण, डायवर्जन, मुआवजा अथवा अन्य देय राशि का वन विभाग एवं जिला प्रशासन के अभिलेखों से सत्यापन कराने की मांग की गई है।
गौरतलब है कि अमलगम स्टील के काण्ड्रा स्थित औद्योगिक विस्तार से संबंधित वन भूमि डायवर्जन का प्रस्ताव भी सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज है। आवेदनकर्ता ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर आवश्यक होने पर सरकारी भूमि की सुरक्षा, बकाया राजस्व की वसूली तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

