राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
जिले की शिक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में प्रखंडवार शैक्षणिक गतिविधियों, विभिन्न योजनाओं की प्रगति और लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, विद्यालयों में नामांकन, जन्म प्रमाण-पत्र, अपार पहचान संख्या, परियोजना रेल, आधारभूत संरचना, स्मार्ट कक्षा और आईसीटी लैब समेत कई बिंदुओं पर चर्चा हुई। उप विकास आयुक्त ने कम उपस्थिति वाले विद्यालयों को चिन्हित कर सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने को कहा।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों की विद्यालय में उपस्थिति तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में सीखने की रुचि, आत्मविश्वास और रचनात्मक क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। इसके लिए कक्षा में भयमुक्त और सहयोगात्मक वातावरण बनाए रखने तथा बच्चों के साथ संवेदनशील व्यवहार करने पर जोर दिया गया।
गतिविधि आधारित शिक्षण और खेल-खेल में शिक्षा को बढ़ावा देने की बात कहते हुए शिक्षकों को बच्चों की आयु एवं सीखने की क्षमता के अनुरूप सरल और रुचिकर तरीके अपनाने का निर्देश दिया गया।
व्यावसायिक क्षमता विकास प्रशिक्षण के लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के साथ विद्यालय संबंधी आंकड़ों को अद्यतन रखने और जन्म प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों के निष्पादन का निर्देश दिया गया। अपार पहचान संख्या एवं परियोजना रेल के शेष कार्य भी प्राथमिकता से पूरे कराने को कहा गया।
बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी कैलाश मिश्रा, जिला शिक्षा अधीक्षक अमित कुमार सहित प्रखंड स्तर के शिक्षा पदाधिकारी, बीपीओ, बीआरपी, सीआरपी एवं अन्य कर्मी उपस्थित थे।

