ग्राम सभा के फैसले के बाद खत्म हुआ तुमसा का गतिरोध
*यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति, तीन लोगों पर आर्थिक दंड के बाद पुलिस के हवाले; दिनभर तनाव के बाद शाम 7 बजे शांत हुआ मामला*
काण्ड्रा थाना क्षेत्र के तुमसा गांव में जमीन विवाद को लेकर दिनभर का तनाव शाम करीब सात बजे ग्राम सभा के फैसले के बाद समाप्त हो गया। सुबह एक परिवार के सदस्यों को बंधक बनाकर मारपीट किए जाने की सूचना से शुरू हुए घटनाक्रम में पुलिस-प्रशासन के पहुंचने के बाद ग्रामीणों का पक्ष भी सामने आया।
*ग्राम सभा ने जमीन पर यथास्थिति का दिया फैसला*
पारंपरिक माझी बाबा विष्णु मुर्मू और ग्राम प्रधान रामेश्वर किस्कू की मौजूदगी में हुई ग्राम सभा में तय किया गया कि जिस जमीन पर जिसका वर्तमान कब्जा है, वहां फिलहाल यथास्थिति बनी रहेगी। किसी भी पक्ष द्वारा दूसरे की जमीन पर जबरन कब्जा नहीं किया जाएगा।
*तीन लोगों पर आर्थिक दंड, फिर पुलिस के हवाले*
ग्रामीणों को परेशान करने और ग्राम सभा से जुड़े घटनाक्रम को गलत तरीके से प्रस्तुत करने के आरोप में भृगु राम सरदार, जटल सरदार और हबलू सरदार पर मामूली आर्थिक दंड लगाया गया। दंड जमा होने के बाद तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
*भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बनी सहमति*
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गियारी के निर्देश पर डीएसपी, इंस्पेक्टर राजेश कुमार, ट्रैफिक इंस्पेक्टर राजू सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचा। अंचल अधिकारी प्रवीण कुमार भी दलबल के साथ पहुंचे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ी, लेकिन पुलिस ने संयम और संवाद का रास्ता अपनाया।
*दोनों पक्षों के बीच वर्षों पुराना विवाद*
ग्रामीणों के अनुसार ऊपरबेड़ा-केंद्रित परिवार और तुमसा के कुछ संथाल ग्रामीणों के बीच जमीन के स्वामित्व एवं उपयोग को लेकर वर्षों से विवाद चला आ रहा है। ग्रामीणों ने कार्तिक सरदार के परिवार पर अलग-अलग जमीनों पर दावा करने और तालाब के इस्तेमाल से रोकने के भी आरोप लगाए।
*नेताओं की पहल से खुला वार्ता का रास्ता*
झामुमो केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य कृष्णा बास्के और भाजपा नेता राम हजारी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों से बातचीत कर शांतिपूर्ण समाधान की अपील की। इसके बाद ग्राम सभा की प्रक्रिया पूरी हो सकी और दोनों पक्षों के बीच तत्काल टकराव टल गया।

