लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड बंद का आह्वान करते हुए भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार, 11 अगस्त को राज्यव्यापी बंद की घोषणा की है। यह फैसला भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में लिया गया है।
झारखंड बंद की पृष्ठभूमि और मांगें
रांची, 10 अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर “पुलिस के अत्याचार” और लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाताओं से कहा कि बंद मंगलवार सुबह आठ बजे से मध्यरात्रि तक प्रभावी रहेगा।
उन्होंने कहा, “यह राज्यव्यापी बंद होगा। हालांकि, सभी आवश्यक सेवाओं को बंद के दायरे से बाहर रखा गया है।”
अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को झारखंड विधानसभा के पास हुए टकराव में कई प्रदर्शनकारी और चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार, आंसू गैस के गोले और लाठीचार्ज का सहारा लिया।
प्रदर्शनकारियों के झारखंड विधानसभा के पास लगाए गए अवरोधक तोड़ने के बाद यह टकराव हुआ।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई में महिलाओं समेत कई लोग घायल हुए हैं। वहीं, रांची के पुलिस अधीक्षक (शहर) पारस राणा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की ओर से किए गए पथराव में चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
झारखंड बंद का संभावित असर और प्रतिक्रियाएं
झारखंड बंद के आह्वान से राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो समेत सभी प्रमुख शहरों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। विपक्षी दलों ने बंद को समर्थन देने की घोषणा की है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है।
छात्र संगठनों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में धांधली की जांच हाईकोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने मांग की है कि दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई हो और घायल छात्रों को मुआवजा दिया जाए। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है।
व्यापारिक संगठनों ने बंद के दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर प्रतिष्ठान बंद रखने का फैसला किया है। चैंबर ऑफ कॉमर्स ने प्रशासन से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है। आम नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे घरों में रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
इस बीच, झारखंड उच्च न्यायालय ने भर्ती परीक्षा विवाद पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। कानूनी जानकारों का मानना है कि यह मामला लंबा खिंच सकता है। झारखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, झारखंड बंद आगामी विधानसभा चुनावों से पहले विपक्ष की एकता का परीक्षण भी है। भाजपा इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाकर सत्तारूढ़ दल को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है।
सोशल मीडिया पर #JharkhandBandh ट्रेंड कर रहा है, जहां युवा अपनी व्यथा साझा कर रहे हैं। कई अभिभावकों ने भी बंद का समर्थन करते हुए कहा कि उनके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है और किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं।
बंद के दौरान सार्वजनिक परिवहन सेवाएं प्रभावित रह सकती हैं। रांची रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। स्कूल-कॉलेज प्रशासन ने एहतियातन अवकाश घोषित कर दिया है। अस्पतालों में आपातकालीन सेवाएं सुचारू रखने के निर्देश दिए गए हैं।

