राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा/घाटशिला: यूरेनियम नगरी के नाम से पहचान रखने वाले जादूगोड़ा और घाटशिला अनुमंडल में मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजार में नकली खाद्य तेल, घी और मसालों की खुलेआम बिक्री हो रही है, जिससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है।
स्थानीय चिकित्सक डॉ. संजय कुमार के अनुसार, मिलावटी खाद्य पदार्थों के लगातार सेवन से लीवर, किडनी और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने लोगों को अत्यधिक सस्ते तेल और चमकीले रंग वाले मसालों से बचने की सलाह दी। उन्होंने यह भी बताया कि यूसील अस्पताल से प्रतिदिन लगभग 4 से 5 मरीजों को डायलिसिस के लिए ब्रह्मानंद अस्पताल रेफर किया जाता है। हालांकि, इन मामलों का सीधा संबंध खाद्य मिलावट से स्थापित होने की पुष्टि नहीं की गई है।
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई केवल त्योहारों तक सीमित रहती है, जबकि वर्षभर मिलावट का कारोबार जारी रहता है। लोगों ने नियमित जांच अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
नागरिक मनोज सिंह ने कहा कि यदि प्रशासन ने जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं की तो स्थानीय लोग आंदोलन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि उपभोक्ताओं को पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय गुणवत्ता चिह्न, निर्माण तिथि और विश्वसनीय ब्रांड का विशेष ध्यान रखना चाहिए तथा किसी भी प्रकार की मिलावट की आशंका होने पर जिला खाद्य सुरक्षा विभाग या सरकारी शिकायत पोर्टल पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
बॉक्स
क्या खिला रहे हैं ये लोग?
मिलावटखोरों की करतूत सुनकर रूह कांप जाएगी।
1. नकली मसालों में: सिंथेटिक कलर, लेड क्रोमेट, लकड़ी का बुरादा और चोकर
2. सरसों तेल में: सस्ता और जहरीला आर्गेमोन तेल
एक्सपर्ट बोले – ये मिलावट नहीं, सीधा जहर है
स्थानीय अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संजय कुमार ने चेताया,”इन चीजों का लगातार सेवन लीवर डैमेज, किडनी फेलियर और पेट के अल्सर का कारण बन रहा है। बच्चों में यह मानसिक और शारीरिक विकास को रोक देता है। जनता चमकीले मसालों और बेहद सस्ते तेलों से बचें।”

