Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » *आज का भारत और कविवर दिनकर जी की कमी*
    मेहमान का पन्ना राष्ट्रीय शिक्षा संपादकीय साहित्य

    *आज का भारत और कविवर दिनकर जी की कमी*

    Devanand SinghBy Devanand SinghSeptember 23, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    *आज का भारत और कविवर दिनकर जी की कमी*
    ———————————
    आज का भारत बहुत तेज दौड़ रहा है – हमारे पास 5G है, चांद पर चंद्रयान है, दुनिया की तीसरी अर्थव्यवस्था बनने का सपना है। पर इस तेज दौड़ में कहीं न कहीं हमारा मन पीछे छूट गया है और यहीं पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की कमी सबसे ज्यादा खलती है।
    समाज है, समृद्धि है पर मन का संतुलन नहीं है।युवाओं के पास जोश है, पर दिशा नहीं। दिनकर कहते थे – “शक्ति और क्षमा दोनों जब साथ होती है, तभी मनुष्य महान होता है।” आज सोशल मीडिया पर शक्ति तो दिखती है, गाली-गलौज, ट्रोलिंग के रूप में, पर क्षमा कहीं नहीं।राष्ट्रवाद है, पर राष्ट्र-चिंतन नहीं है। हम सब जय हिंद तो बोलते हैं, पर दिनकर जैसा कोई यह नहीं पूछ रहा – “भारत कैसा हो? सिर्फ अमीर हो या न्यायी भी हो ?”
    सभी सुविधाओं की मृग मरीचिका में भटक रहे पर संवेदना कहीं नहीं है। समाज का चित्र और चरित्र पर नजर दौड़ाएं तो OTT, AI, पैसा सब है, पर पड़ोसी भूखा है तो हमें फर्क नहीं पड़ता।
    दिनकर ने लिखा था – “जब तक मन में भूखे की पीड़ा नहीं, तब तक कविता नहीं।”

    सच कहिए तो दिनकर सिर्फ कवि नहीं थे, वो भारत की आत्मा के पहरेदार थे।
    जब संसद में शोर होता है, तब दिनकर की पंक्ति याद आती है – “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है।” आज जनता की आवाज को कविता में कोई नहीं उठा रहा।
    जब आज का युवा हताश होता है तो जंतर-मंतर पहुंच जाता है।
    उसे कोई नहीं कहता – “रश्मिरथी” की तरह – “मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।”
    चारों ओर आज युद्ध का माहौल है – रूस-यूक्रेन, इजराइल-फिलिस्तीन। ऐसे में दिनकर का “कुरुक्षेत्र” याद आता है, जहाँ उन्होंने पूछा था – युद्ध क्यों जरूरी है? शांति की कीमत क्या है?
    आज भारत को मिसाइल से ज्यादा एक ‘मन’ की जरूरत है। दिनकर वो मन थे। उन्होंने हमें सिखाया था कि कविता सिर्फ तुकबंदी नहीं, एक आग है।इसलिए आज के भारत को एक बार फिर दिनकर को पढ़ने की जरूरत है, सिर्फ पाठ्यक्रम में नहीं, जीवन में‌ भी।

    डॉ कल्याणी कबीर
    शिक्षाविद और साहित्यकार

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleविधायक के एस्कॉर्ट वाहन के पलटने से चार सुरक्षाकर्मी घायल
    Next Article दिनकर को याद करना आसान, दिनकर को आत्मसात करना कठिन

    Related Posts

    परसुडीह APMC में सरकारी दुकानों-गोदामों के आवंटन पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग

    October 13, 2026

    बिष्टुपुर में कांग्रेस ने पीएम मोदी का पुतला दहन कर जताया विरोध, भाजपा पर लगाए हिंसा और वोट चोरी के

    October 13, 2026

    महिलाओं के विरुद्ध हिंसा अस्वीकार्य, घटना की निष्पक्ष जांच हो : अमरप्रीत सिंह काले

    October 13, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    Beef Free Spin Multipliers: Wann sie gelten

    15 अक्टूबर से बदलेगी जमशेदपुर की ट्रैफिक व्यवस्था, दुर्गापूजा में शहर में लागू होगी नो एंट्री

    दुर्गापूजा, दीपावली एवं छठ पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित

    अपने ही घर को पाने के लिए दर-दर भटक रहे अमित कुमार, आखिर कब मिलेगा न्याय?

    हेमंत सोरेन से मिले मंत्री, सांसद-विधायक, स्व. रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि

    परसुडीह APMC में सरकारी दुकानों-गोदामों के आवंटन पर उठे गंभीर सवाल, जांच की मांग

    वनकाम झारखण्ड की मासिक गोष्ठी सम्पन्न

    नाबालिक के साथ दुष्कर्म करने वालों की अब खैर नहीं,चतरा एसपी अनिमेष नैथानी की देखी गई बड़ी कार्रवाई!

    काशीडीह दुर्गापूजा पंडाल का बाबूलाल मरांडी ने किया उद्घाटन, शांति और सद्भाव का दिया संदेश

    नवरात्र में शहर की शांति भंग न करे भाजपा, लोकतांत्रिक मर्यादा का पालन करे : नलिनी सिन्हा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.