सूचना चाहिए, इंतजार नहीं!
मृत्युंजय बर्मन,
राष्ट्र संवाद संवाददाता, सरायकेला
“हमर अधिकार मंच” की जिला संयोजक सह आरटीआई एक्टिविस्ट रश्मि भेंगरा ने झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में राज्य सूचना आयोग में वर्षों से लंबित द्वितीय अपीलों एवं शिकायतों का मुद्दा प्रमुखता से उठाने की मांग की है। उन्होंने सभी 81 विधायकों से इस मामले में प्रभावी पहल करने की अपील की।
रश्मि भेंगरा ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 नागरिकों को शासन से जवाब मांगने और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का अधिकार देता है। लेकिन राज्य सूचना आयोग में लंबे समय तक नियमित सुनवाई बाधित रहने के कारण करीब 25 हजार से अधिक द्वितीय अपीलें और शिकायतें लंबित हो गई हैं। इन मामलों में किसानों, विद्यार्थियों, पेंशनधारियों, राशन कार्डधारकों, विस्थापितों और आम नागरिकों के अधिकार जुड़े हैं।
उन्होंने कहा कि हाल में सूचना आयुक्तों की नियुक्ति स्वागतयोग्य कदम है, लेकिन नियमित सुनवाई शुरू नहीं होने से आवेदकों की समस्याएं जस की तस हैं। सूचना समय पर नहीं मिले तो उसका उद्देश्य ही कमजोर पड़ जाता है।
उन्होंने विधायकों से प्रश्नकाल, शून्यकाल या ध्यानाकर्षण के माध्यम से आयोग में नियमित सुनवाई शुरू कराने, लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए विशेष अभियान चलाने और पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह किसी दल का नहीं, बल्कि नागरिकों के सूचना के संवैधानिक अधिकार से जुड़ा विषय है।

