अधूरा निर्माण छोड़कर भागा ठेकेदार, ग्राम सभा की अनुमति के बिना निर्माण का आरोप; मंदिर कमेटी ने उच्चस्तरीय जांच की मांग
राष्ट्र संवाद | जादूगोड़ा
जादूगोड़ा स्थित प्रसिद्ध रंकणी मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित धमकुडिया भवन पहली ही बरसात में जर्जर होने लगा है। भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ गई हैं, जबकि छत से कई स्थानों पर पानी का रिसाव हो रहा है। इससे भवन की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
रंकणी मंदिर कमेटी के अध्यक्ष दिनेश सरदार ने आरोप लगाया कि भवन का निर्माण कार्य अब तक पूरा नहीं हुआ है। ठेकेदार बीच में ही काम छोड़कर चला गया, जिससे कई आवश्यक कार्य अधूरे रह गए हैं। उन्होंने कहा कि भवन में शुरू से ही घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसका परिणाम पहली ही बरसात में सामने आ गया।
भवन में बताई गई प्रमुख खामियां
बरसात के दौरान छत से कई स्थानों पर पानी का रिसाव।
भवन की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें।
पेयजल पाइपलाइन का कार्य अधूरा एवं त्रुटिपूर्ण।
निर्माण संबंधी सूचना पट्ट अब तक नहीं लगाया गया।
दिनेश सरदार का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं हुआ और केवल औपचारिकता निभाकर काम पूरा दिखा दिया गया।
ग्राम सभा ने उठाए सवाल
मामले को लेकर पांच गांवों की ग्राम सभा ने भी आपत्ति दर्ज कराई है। ग्राम सभा का आरोप है कि धमकुडिया भवन का निर्माण उनकी अनुमति के बिना कराया गया, जो नियमानुसार उचित नहीं है। ग्राम सभा ने भवन पर नोटिस चिपकाकर निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं।
पहले भी उठ चुका है मामला
मंदिर कमेटी का कहना है कि भवन की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं और स्थानीय स्तर पर यह मुद्दा उठाया गया था। इसके बावजूद अब तक न तो निर्माण एजेंसी पर कोई कार्रवाई हुई और न ही भवन की तकनीकी जांच कराई गई। बरसात के बाद भवन की स्थिति और खराब होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है।
उच्चस्तरीय जांच की मांग
मंदिर कमेटी और पांच गांवों की ग्राम सभा ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच कराने की मांग की है। साथ ही निर्माण कार्य में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है।
क्या बोले दिनेश सरदार
“भवन का काम अभी अधूरा है। छत से पानी टपक रहा है और कई जगह दरारें पड़ गई हैं। ठेकेदार काम पूरा किए बिना चला गया। पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। ग्राम सभा की अनुमति के बिना हुए निर्माण की भी जांच हो।”
दिनेश सरदार, अध्यक्ष, रंकणी मंदिर कमेटी

