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    Home » FSSAI रिपोर्ट: मसालों में मिलावट का चौंकाने वाला खुलासा, 454 नमूने फेल
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    FSSAI रिपोर्ट: मसालों में मिलावट का चौंकाने वाला खुलासा, 454 नमूने फेल

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 4, 2026No Comments4 Mins Read
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    FSSAI
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    लेखक: महेन्द्र तिवारी

    FSSAI की चौंकाने वाली रिपोर्ट

    भारतीय रसोई की पहचान और हमारी भोजन संस्कृति का मुख्य आधार हमेशा से हमारे पारंपरिक मसाले रहे हैं। इन मसालों के बिना किसी भी भारतीय व्यंजन की कल्पना करना भी असंभव लगता है। हमारी सदियों पुरानी आयुर्वेद परंपरा में भी हल्दी, धनिया, जीरा, लौंग, इलायची और लाल मिर्च जैसे मसालों को औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। ये मसाले केवल भोजन में स्वाद, रंग और मनमोहक सुगंध ही नहीं लाते बल्कि हमारे पाचन तंत्र को मजबूत करने और बीमारियों से लड़ने की ताकत देने में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं। लेकिन हाल ही में भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण यानी FSSAI की ओर से जो चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है उसने हर आम नागरिक और जागरूक उपभोक्ता को गहरी चिंता में डाल दिया है।

    जांच के डरावने नतीजे

    मई से जुलाई के बीच देश भर में की गई एक व्यापक जांच में यह बात सामने आई है कि बाजार में बिकने वाले मसालों का एक बड़ा हिस्सा गुणवत्ता और सुरक्षा के बुनियादी मानकों पर पूरी तरह विफल हो गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार कुल चार हजार चौवन मसालों के नमूने जांचे गए थे जिनमें से चार सौ चौहत्तर नमूने मानकों पर खरे नहीं उतरे। आसान शब्दों में कहा जाए तो बाजार में मौजूद लगभग हर आठवां मसालों का पैकेट किसी न किसी रूप में हमारे स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित है। यह आंकड़ा कोई छोटी बात नहीं है क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की एक बड़ी आबादी की सेहत से जुड़ा हुआ है।

    मसालों में खतरनाक रसायन और बैक्टीरिया

    इन मसालों की जांच कई महत्वपूर्ण पैमानों पर की गई थी जिनमें नमी की मात्रा, कीड़े या कीटों के अवशेष, एफ्लाटॉक्सिन, कीटनाशकों के अवशेष, रसायनिक दूषित पदार्थ और खतरनाक बैक्टीरिया का संदूषण शामिल था। जांच में जो सबसे डराने वाली बात सामने आई वह यह है कि मसालों में कार्बेंडाजिम और प्रोपरगाइट जैसे खतरनाक कीटनाशकों के अंश पाए गए हैं। इन रसायनों का सीधा प्रभाव इंसान की किडनी, लीवर और प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है। इतना ही नहीं कई नमूनों में ऐसे खतरनाक बैक्टीरिया भी मिले हैं जिन्हें लंबे समय तक शरीर में जाने पर गंभीर बीमारियों का कारण माना जाता है। मसालों के पैकेट के अंदर कीड़े और अन्य भौतिक अशुद्धियों का मिलना यह दर्शाता है कि मसालों की पिसाई और पैकेजिंग के समय साफ सफाई का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इसी बीच एथिलीन ऑक्साइड नामक रसायन का मुद्दा भी काफी चर्चा में रहा जब विदेशी बाजारों ने कुछ प्रमुख भारतीय ब्रांड्स के मसालों पर रोक लगा दी थी। हालांकि भारत में हुई जांच में कुछ सीमित नमूनों में यह रसायन नहीं मिला लेकिन वैश्विक स्तर पर इस रसायन को लेकर जो सतर्कता बरती जा रही है वह हमें भी सोचने पर मजबूर करती है।

    नियामक संस्थाओं के सख्त कदम

    इस गंभीर स्थिति को देखते हुए नियामक संस्थाओं ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। FSSAI ने पूरे देश में कार्रवाई करते हुए एक सौ ग्यारह से अधिक मसाला कंपनियों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं और उनके उत्पादन तथा बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके अलावा कई राज्यों में खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन विभाग ने भी बड़े स्तर पर अभियान चलाए हैं। कई नामी कंपनियों को नोटिस जारी किए गए हैं और सख्त मुकदमे दर्ज करने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। कुछ मामलों में दोषियों को छह महीने तक की जेल की सजा का प्रावधान भी किया गया है जो यह स्पष्ट करता है कि सरकार और संबंधित विभाग इस मिलावटखोरी को लेकर कितने सख्त हैं।

    उपभोक्ताओं की जिम्मेदारी और सावधानियां

    यह पूरा घटनाक्रम सिर्फ एक या दो कंपनियों तक सीमित नहीं है बल्कि यह हमारी पूरी सप्लाई चेन की भारी खामियों को उजागर करता है। कच्चे माल की खरीद से लेकर उसके प्रसंस्करण, भंडारण और लेबलिंग तक हर स्तर पर गुणवत्ता नियंत्रण की कमी दिखाई देती है। ऐसे में एक जागरूक उपभोक्ता के रूप में हमारी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। हमें मसाले खरीदते समय केवल आकर्षक विज्ञापनों पर भरोसा नहीं करना चाहिए बल्कि पैकेट पर दी गई जानकारी जैसे बैच नंबर, निर्माण की तारीख और FSSAI लाइसेंस नंबर को ध्यान से पढ़ना चाहिए। हमेशा विश्वसनीय और प्रमाणित दुकानों से ही मसालों की खरीदारी करनी चाहिए। जब तक उपभोक्ता खुद जागरूक नहीं होंगे और अपने अधिकारों के प्रति सतर्क नहीं रहेंगे तब तक बाजार में मुनाफाखोरी के लिए हो रही ऐसी मिलावट पर पूरी तरह से लगाम लगाना संभव नहीं होगा। हमारी सेहत हमारे अपने हाथ में है और सही व सुरक्षित उत्पादों का चुनाव ही हमें तथा हमारे परिवार को इस छिपे हुए खतरे से पूरी तरह बचा सकता है।

    अधिक जानकारी के लिए FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट देखें।

    FSSAI खाद्य सुरक्षा मसाले मिलावट
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