गिरिडीह जंगल से पांच साइबर अपराधी गिरफ्तार, फर्जी APK भेजकर करते थे ठगी
राष्ट्र संवाद संवादाता
गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को ताराटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मिडिल स्कूल ताराटांड़ के पीछे स्थित जंगल में की गई, जहां आरोपी साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वे “customersupport.apk” और “wifiairtel.apk” नामक फर्जी APK फाइलें लोगों के मोबाइल पर भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इन फाइलों को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता था, उसके मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारियां अपराधियों के कब्जे में चली जाती थीं। इसके बाद आरोपी बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों के साथ साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
एसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल में दबिश दी और पांचों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एक लैपटॉप तथा चार मोटरसाइकिल बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में जनार्दन मंडल (26 वर्ष), अशोक कुमार (24 वर्ष), बब्लू कुमार (26 वर्ष), बिष्णु कुमार (23 वर्ष) सहित कुल पांच आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अशोक कुमार और बब्लू कुमार पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं और रिहा होने के बाद फिर से इस अवैध धंधे में सक्रिय हो गए थे।
इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 21/2026, दिनांक 10 जुलाई 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, उनके अन्य साथियों तथा ठगी से अर्जित रकम के संबंध में गहन जांच कर रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और सिम कार्ड की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि साइबर ठगी के अन्य मामलों का खुलासा हो सके।
छापेमारी अभियान में साइबर थाना प्रभारी पुनीत, नायब निरीक्षक रामेश्वर भगत तथा साइबर थाना की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या APK फाइल को डाउनलोड न करें तथा साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।
गिरिडीह जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गिरिडीह पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना पुलिस ने शुक्रवार को ताराटांड़ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर पांच साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई मिडिल स्कूल ताराटांड़ के पीछे स्थित जंगल में की गई, जहां आरोपी साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ के दौरान स्वीकार किया है कि वे “customersupport.apk” और “wifiairtel.apk” नामक फर्जी APK फाइलें लोगों के मोबाइल पर भेजते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इन फाइलों को डाउनलोड कर इंस्टॉल करता था, उसके मोबाइल की महत्वपूर्ण जानकारियां अपराधियों के कब्जे में चली जाती थीं। इसके बाद आरोपी बैंक खाते, यूपीआई और अन्य डिजिटल माध्यमों से लोगों के साथ साइबर ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।
एसपी ने बताया कि सूचना मिलते ही साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल में दबिश दी और पांचों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से 10 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, एक लैपटॉप तथा चार मोटरसाइकिल बरामद किए गए, जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपियों में जनार्दन मंडल (26 वर्ष), अशोक कुमार (24 वर्ष), बब्लू कुमार (26 वर्ष), बिष्णु कुमार (23 वर्ष) सहित कुल पांच आरोपी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अशोक कुमार और बब्लू कुमार पहले भी साइबर ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं और रिहा होने के बाद फिर से इस अवैध धंधे में सक्रिय हो गए थे।
इस मामले में साइबर थाना में कांड संख्या 21/2026, दिनांक 10 जुलाई 2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस आरोपियों के नेटवर्क, उनके अन्य साथियों तथा ठगी से अर्जित रकम के संबंध में गहन जांच कर रही है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन, लैपटॉप और सिम कार्ड की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है ताकि साइबर ठगी के अन्य मामलों का खुलासा हो सके।
छापेमारी अभियान में साइबर थाना प्रभारी पुनीत, नायब निरीक्षक रामेश्वर भगत तथा साइबर थाना की पूरी टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक, ऐप या APK फाइल को डाउनलोड न करें तथा साइबर ठगी की आशंका होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं।

