राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल: सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र अंतर्गत भूयाडीह गांव स्थित अवैध पत्थर खदान एक बार फिर हादसे की वजह बनी। खदान में भरे बारिश के पानी में डूबने से पांच वर्षीय मासूम बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरे मामले को स्थानीय स्तर पर दबाने का प्रयास किया गया और घटना को रफा-दफा कर दिया गया।
ग्रामीणों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि भूयाडीह गांव में गैलेक्सी कंपनी के समीप वर्षों से अवैध पत्थर खनन होता रहा है। बताया जाता है कि पूर्व में एचएलएम नामक कंपनी
द्वारा यहां लगातार अवैध खनन किया जाता था। खनन के बाद बने गहरे गड्ढों को नियम के अनुसार मिट्टी से भरना जरूरी होता है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। प्री-मानसून बारिश के बाद खदान पानी से लबालब भर गई थी।
इसी दौरान गांव निवासी महादेव का पांच वर्षीय पुत्र अपनी मां के साथ नित्यक्रिया और स्नान के लिए खदान के समीप गया था। अचानक मासूम गहरे पानी में समा गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद बच्चे का शव बाहर निकाला गया। मासूम की मौत के बाद गांव में मातम पसर गया। जिस अवैध पत्थर खदान में मासूम ने जान गंवाई जिसकी अनुमानित गहराई 40 से 60 फुट जमीन लेबल से नीचे है.
ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद कुछ स्थानीय प्रभावशाली लोगों और तथाकथित समाजसेवियों ने मामले को दबाने के लिए संपर्क साधा और गरीब परिवार को समझा-बुझाकर मामला शांत करा दिया। लोगों का कहना है कि “एक मां की सूनी गोद की कीमत लगाकर इंसानियत को शर्मसार किया गया है।”
ग्रामीणों ने बताया कि भूयाडीह, धातकीडीह, हारूडीह सहित आसपास के दर्जनों गांवों में अवैध पत्थर खनन की सैकड़ों खदानें आज भी खुली पड़ी हैं, जो कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। इससे पहले भी कई ग्रामीण इन खदानों में डूबकर जान गंवा चुके हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इधर, विगत माह नीमडीह थाना क्षेत्र में अवैध बालू परिवहन कर रहे अनियंत्रित ट्रैक्टर से कुचलकर एक ग्रामीण महिला की भी दर्दनाक मौत हो गई थी। बावजूद इसके न तो जनप्रतिनिधियों ने आवाज उठाई और न ही स्थानीय सफेदपोश नेताओं ने संवेदना व्यक्त की।
क्षेत्र में अवैध बालू और पत्थर खनन के साथ तेज रफ्तार परिवहन वाहनों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन ग्रामीण हादसों का शिकार हो रहे हैं और अपनी जान गंवा रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने, दोषियों पर कार्रवाई करने और खतरनाक खदानों को भरवाने की मांग की है।

