खुले में मांस का प्रदर्शन बंद हो, झारखंड सरकार भी करे सख्त कार्रवाई: अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर: अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने कहा है कि सड़क किनारे खुले में मांस बेचने पर सुप्रीम कोर्ट ने देशव्यापी पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन FSSAI के खाद्य सुरक्षा मानकों, बिना लाइसेंस संचालित दुकानों पर कार्रवाई तथा खुले में मांस काटने और प्रदर्शित करने पर रोक संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि मेघालय हाईकोर्ट ने 26 मई 2023 को गो ज्ञान फाउंडेशन बनाम मेघालय राज्य जनहित याचिका में आदेश दिया था कि मांस की दुकानों में पशुओं के शवों का सार्वजनिक प्रदर्शन पूरी तरह बंद किया जाए। अदालत ने निर्देश दिया कि मांस को रेफ्रिजरेटर, बंद कंटेनर या दुकान के अंदर इस प्रकार रखा जाए कि वह बाहर से दिखाई न दे।
अधिवक्ता पप्पू ने कहा कि खुले में रखा मांस धूल, मक्खियों और प्रदूषण के कारण दूषित हो सकता है, जिससे खाद्य जनित बीमारियों का खतरा बढ़ता है। साथ ही, मांस के अपशिष्ट का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण नहीं होने पर आवारा कुत्तों का खतरा भी बढ़ता है। उन्होंने कहा कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य, सार्वजनिक स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और पशु कल्याण को ध्यान में रखते हुए झारखंड सरकार को भी इस विषय पर तत्काल संज्ञान लेकर जिला प्रशासन को आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए।

