मुक्तेश्वर धाम हरिणा का बदलेगा स्वरूप, 11 नए मंदिरों के निर्माण कार्य अंतिम चरण में
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर : पोटका प्रखंड स्थित प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मुक्तेश्वर धाम हरिणा में 11 मंदिरों का निर्माण कार्य अंतिम चरण में पहुंच गया है। विधायक संजीव सरदार ने वन विभाग के अधिकारियों, संवेदकों और मंदिर समिति के सदस्यों के साथ मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र का निरीक्षण कर मेला शुरू होने से पहले सभी कार्य पूरा करने का निर्देश दिया।
मंदिर परिसर में राम मंदिर, पार्वती मंदिर, कार्तिक मंदिर, महालक्ष्मी मंदिर, सरस्वती मंदिर, शनि मंदिर, जगन्नाथ मंदिर, विश्वकर्मा मंदिर और गणेश मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि पुराने काली मंदिर और शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कर उन्हें भव्य स्वरूप दिया जाएगा। निर्माण कार्य में राजस्थान के विशेष पत्थरों और कारीगरों का सहयोग लिया जा रहा है।

मुक्तेश्वर धाम को धार्मिक स्थल के साथ-साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। लगभग 28 हेक्टेयर क्षेत्र में बायो डाइवर्सिटी पार्क बनाया जा रहा है, जहां 22 कॉटेज, ट्री हाउस, झूले, पाथ-वे, पिकनिक स्पॉट और फव्वारे विकसित किए जाएंगे। परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि मुक्तेश्वर धाम को राज्य सरकार की पर्यटन सूची में शामिल कर इसके सौंदर्यीकरण पर लगभग 23 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।
हर वर्ष 14 जून से शुरू होने वाले पांच दिवसीय मेले में झारखंड समेत चार राज्यों से करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचते हैं। निरीक्षण के दौरान मुख्य पुजारी बजरांकन दंडपात, दीपंकर सीट, सागर सीट, अनिरुद्ध नायक, मनोरंजन सरदार, दीपक सरदार, भरत सरदार, अचिन सरदार और सनातन सरदार सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

