उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री भुवन चंद्र उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी
जी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
वे भारतीय राजनीति में ईमानदारी, सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रतीक थे। सेना एवं जनसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
*सैन्य पृष्ठभूमि: मेजर जनरल से मुख्यमंत्री तक का सफर
राजनीति में आने से पहले भुवन चंद्र खंडूरी ने भारतीय सेना में एक लंबा और गौरवशाली समय बिताया। वे मेजर जनरल के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। सेना के इसी अनुशासन और समयबद्धता को उन्होंने अपनी राजनीति और मुख्यमंत्री कार्यकाल में भी लागू किया, जिसके चलते नौकरशाही हमेशा मुस्तैद रहती थी।
एक युग का अंत: खंडूरी जी का जाना न केवल उत्तराखंड बल्कि देश की राजनीति के एक ऐसे अध्याय का अंत है, जहां शुचिता, अनुशासन और जनसेवा को सर्वोपरि रखा गया।
इस दुखद घड़ी में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और आम जनता द्वारा उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है। उत्तराखंड की राजनीति और जनमानस के लिए यह एक अत्यंत दुखद और अपूरणीय क्षति है।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता भुवन चंद्र खंडूरी का निधन हो गया है। एक कुशल प्रशासक, ईमानदार राजनेता और सैन्य पृष्ठभूमि (सेवानिवृत्त मेजर जनरल) से आने वाले खंडूरी जी ने राज्य के विकास में एक अमिट छाप छोड़ी है।उनके जीवन, राजनीतिक सफर और राज्य के लिए
’जीरो टॉलरेंस’ और सख्त प्रशासन के प्रतीक है।भुवन चंद्र खंडूरी को उत्तराखंड की राजनीति में उनकी बेदाग छवि और कड़े फैसलों के लिए जाना जाता था। जब वे मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई, जिसने राज्य के प्रशासनिक ढांचे को एक नई दिशा दी।मुख्यमंत्री बनने से पहले वे अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) भी रहे। देश में ‘स्वर्ण चतुर्भुज योजना’ को धरातल पर उतारने में उनकी भूमिका को हमेशा याद किया जाता है।
वे भारतीय राजनीति में ईमानदारी, सादगी और राष्ट्रसेवा के प्रतीक थे। सेना एवं जनसेवा के प्रति उनका समर्पण सदैव प्रेरणादायी रहेगा।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक युवा परिषद उनकी पुण्य स्मृति को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करती है तथा शोक संतप्त परिवार एवं समर्थकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करती ह

