ग्रेजुएट कॉलेज के बी.एड डिपार्टमेंट द्वारा दो दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया । सेमिनार की शुरुआत दीप प्रज्वलन और कुल गीत गाकर की गई। सेमिनार के मुख्य अतिथि उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल कुमार पुरवार रहे उन्होंने विकसित भारत के चार स्तंभ बताए- युवा, महिलाएं ,गरीब और किसान। उन्होंने यूनिवर्सिटी के एनुअल कैलेंडर और डिसिप्लिन को फॉलो करना जरूरी बताया तथा पेडगॉजी को इस तरह से होनी चाहिए जिससे समस्या का समाधान होना चाहिए। सेमिनार के मुख्य संरक्षक प्रोफेसर डॉक्टर एंजिला गुप्ता वाइस चांसलर कोल्हान यूनिवर्सिटी में अपने वक्तव्य में वसुधैव कुटुंबकम के बारे में बताया तथा वेद ,आयुर्वेद उपनिषद की चर्चा करते हुए बताया कि हमारे ज्ञान परंपरा काफी समृद्ध है । मुख्य वक्ता प्रोफेसर चंद्रभूषण शर्मा कुलपति विनोबा भावे यूनिवर्सिटी में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षक तीन पीढियां को पढाता है। भारतीय ज्ञान परंपरा अतीत की धरोहर ही नहीं वह वर्तमान और भविष्य की मार्गदर्शक भी है साथ ही साथ उन्होंने क्वालिटी एजुकेशन की चर्चा की और गुरु को सेंटर पावर कहा। कोल्हन विश्वविद्यालय के कुल सचिव डॉक्टर रंजीत कुमार कर्ण ने कहा की विकसित भारत के दो पैरामीटर रिसर्च और डेवलपमेंट है अगर हमें विकसित भारत बनाना है तो हमें नई खोज, अनुसंधान और प्रोबलम सॉल्वर बनना होगा । कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर वीणा सिंह प्रियदर्शी ने अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, प्रतीक चिन्ह और पौधा देकर किया। स्वागत भाषण कॉलेज की प्राचार्य डॉक्टर वीणा सिंह प्रियदर्शी ने दिया उन्होंने कहा कि बाहरी आक्रमणकारियों ने हमारे परंपरागत शिक्षा पद्धति को नष्ट किया खासकर मैकाले ने हमारी शिक्षा पद्धति को अवरुद्ध किया लेकिन अब नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के माध्यम से हमारी पुरानी शिक्षा पद्धति फिर से पुनर्जीवित की जा रही है। विषय प्रवेश बी .एड डिपार्टमेंट की डॉक्टर प्रीति सिंह ने किया। मंच संचालन संस्कृत विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉक्टर अर्चना सिन्हा एवं धन्यवाद ज्ञापन बी .एड विभाग के विभाग अध्यक्ष डॉक्टर विश्वेश्वर यादव ने किया। सेमिनार में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए हुए प्रतिभागी शिक्षक गण एवं छात्राएं उपस्थित थी।

