राष्ट्र संवाद संवादाता
जादूगोड़ा स्थित यूसीआईएल अस्पताल में इन दिनों दवा संकट को लेकर मरीजों और परिजनों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। लाख कोशिशों और दावों के बावजूद भी अस्पताल प्रबंधन मरीजों को समय पर दवा उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल नजर आ रहा है।
मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर द्वारा 5 तारीख को लिखी गई दवाएं 14 तारीख तक भी अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो सकी हैं।
विशेष रूप से रिटायर्ड कर्मचारी, गंभीर बीमार मरीज और दूर-दराज क्षेत्र से आने वाले लोग सबसे अधिक परेशान हैं। घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी उन्हें यह कहकर लौटा दिया जा रहा है कि दवा अभी उपलब्ध नहीं है। इधर अस्पताल प्रबंधन पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है और मरीजों की परेशानियों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हुए हैं।
16 करोड़ के 2 साल का टेंडर के के फार्मा को दवाई का दिया गया है लेकिन जब से इन्हें टेंडर मिला है दवाई की सप्लाई मरीजों को सही तरीके से नहीं दी जा रही है ।
मरीज परेशान है वही यूसिल अस्पताल प्रबंधन भी पूरी तरह से विवश नजर आ रहा है के के फार्मा के सामने।
संयुक्त यूनियन के नेताओं के द्वारा भी इसकी शिकायत कई बार यूसिल सी एम डी से लिखित रूप से की गई है।
यूनियन के नेताओं का है कि के फार्मा के द्वारा ब्रांडेड दवाई की जगह उसके बदले दूसरी कंपनी की दवाई दी जाती है जिससे भी काफी परेशानी हो रही है।
दवाई सही समय पर नहीं मिलने से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है यह काफी घातक होती हुई नजर आ रही है कई लोग कई बार गंभीर रूप से बीमार भी पड़ जा रहे हैं।
यूनियन नेताओं का कहना है कि यूसिल सी एम डी। को अस्पताल का निरीक्षण करना चाहिए जिससे कि अस्पताल में सुधार हो सके।
गर्मी के समय में यूसिल अस्पताल के वार्ड में ए सी नहीं होने के कारण मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।
गर्मी के कारण लोग और बीमार पड़ जा रहे हैं यूनियन नेताओं के द्वारा भी कई बार ए सी लगाने का यूसिल प्रबंधन से लिखित दिया गया है कई साल बावजूद भी अभी तक वार्ड में एसी नहीं लगा है।
यूसीएल अस्पताल में डॉक्टरों की भारी कमी के कारण भी मरीज को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है जहां यूसिल अस्पताल में पहले 15 डॉक्टर थे अब मात्र 7 डॉक्टर बच गए हैं लगातार डॉक्टर रिटायर हो रहे हैं इसी साल सीएमओ डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य भी रिटायर होंगे वहीं डॉक्टर मानस कुमार रजक रिटायर हो चुके हैं ,नया डॉक्टर की बहाली नहीं हुई है ।
कई बार यूसिल प्रबंधन के द्वारा डॉक्टर की बहाली का नोटिस जारी किया गया लेकिन सुविधा नहीं मिलने के कारण डॉक्टर यहां आना नहीं चाहते हैं कॉलोनी की स्थिति जर्जर होने से डॉक्टर में भारी नाराजगी है।
नर्स की भारी कमी से भी मरीज को परेशानी हो रही है पहले जहां यूसिल अस्पताल में 29 नर्स थे अब मात्र 12 ही रह चुके हैं।
कैंटीन की भी सुविधा बदहाल होने से मरीजों को काफी परेशानी हो रही है लोगों को सही समय पर खाना नाश्ता नहीं मिल पा रहा है भोजन नहीं मिलने से मरीज काफी परेशान है।
बेड पंखा पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं मरीजों को टूटे हुए बेड पर ही इलाज करना मजबूरी हो चुकी है यह बेड कई साल पुराने हो चुके हैं।

