बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष नियुक्ति विवाद गहराया, जिला भाजपा पर कार्रवाई की आहट
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। बागबेड़ा में भाजपा के कथित गैर सक्रिय सदस्य राकेश चौबे को मंडल अध्यक्ष बनाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। पार्टी के भीतर बढ़ते विरोध के बीच जिला इकाई पर कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश नेतृत्व इस मामले में भाजपा की जमशेदपुर महानगर इकाई को कारण बताओ नोटिस जारी कर सकता है और महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा से जवाब-तलब किया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि विवाद के चलते बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष राकेश चौबे की नियुक्ति रद्द होने और चुनाव प्रक्रिया दोबारा कराने की नौबत भी आ सकती है।
27 नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को सौंपी लिखित शिकायत
इस मामले को लेकर 14 भाजपा कार्यकर्ता सोमवार को रांची पहुंचे और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से मुलाकात कर लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत पत्र पर 27 नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इनमें अश्विनी तिवारी, सुबोध झा, शैलेष पाठक, मनोज कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद और सूरज ओझा सहित कई वर्तमान एवं पूर्व जिला पदाधिकारी शामिल हैं।
शिकायत मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा से फोन पर बात कर मामले का शीघ्र समाधान करने को कहा है।
नियमों के उल्लंघन का आरोप
पार्टी सूत्रों के अनुसार, शिकायत केंद्रीय संगठन के कुछ पदाधिकारियों तक भी पहुंचा दी गई है। वरिष्ठ नेताओं का आरोप है कि बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष के चुनाव में संगठनात्मक नियमों की अनदेखी की गई और गैर सक्रिय सदस्य को पद सौंप दिया गया। इसे पार्टी की परंपरा और नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा है।
वरिष्ठ नेताओं की मांग है कि राकेश चौबे की नियुक्ति तत्काल रद्द कर बागबेड़ा मंडल का चुनाव दोबारा कराया जाए।
शिकायतकर्ताओं को मनाने की कोशिश
सूत्रों के मुताबिक, विवाद को शांत करने के लिए समझौते की कोशिशें भी तेज हो गई हैं। शिकायत करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं से संपर्क साधकर उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है। यह भी चर्चा है कि शिकायतकर्ताओं में से दो कार्यकर्ताओं को जिला इकाई में रिक्त पद देने का प्रस्ताव दिया गया है।
संगठन मंत्री ने मांगी रिपोर्ट
हालांकि अब तक विवाद का समाधान नहीं हो पाया है। शिकायतकर्ता अपने रुख पर कायम हैं कि यदि चुनाव नियमों के अनुरूप नहीं हुआ है तो कार्रवाई अनिवार्य है। मामले की शिकायत संगठन मंत्री तक पहुंच चुकी है। सूत्रों के अनुसार, संगठन मंत्री ने इस संबंध में महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
भाजपा के अंदरूनी इस विवाद ने संगठनात्मक प्रक्रियाओं और नियमों के पालन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

