राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका और मुसाबनी में स्वास्थ्य उपकेंद्र निर्माण में 15वें वित्त आयोग की राशि के दुरुपयोग व अनियमितताओं के खिलाफ आर टी आई कार्यकर्ता सुनील मुर्मू ने शिकायत किया हे।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में 15वें वित्त आयोग के तहत ग्रामीण स्थानीय निकायों को आवंटित स्वास्थ्य अनुदान की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। पूर्वी सिंहभूम के जिला परिषद विभाग की देखरेख में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों के निर्माण में भारी अनियमितता की शिकायत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव से की गई है।मुख्य शिकायतें:पोटका प्रखण्ड (ग्राम बंसीला) तथा मुसाबनी प्रखण्ड (ग्राम नेत्रा): ग्राम नेत्रा में स्वीकृत स्वास्थ्य उपकेंद्र यहां बन रहे उपकेंद्र की निर्माण गुणवत्ता अत्यंत खराब है। नींव में मानकों के विपरीत सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की निर्माण होते ही टूट गया है, मानक के विपरित निर्माण किया जा रहा है जिसका सीधा असर स्थानीय निवासियों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है।अनियमितताएं: आरोप है कि जिला परिषद के तकनीकी अधिकारी और संवेदक मिलीभगत से निर्माण कार्य में घटिया किस्म का सरिया एव्ं तय मात्र से कम सरिया का उपयोग हुआ है जिससे दो मंजिला भवन बहुत जल्द कमजोर एव्ं दीवार मे दरार आने की संभावना है उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव से तुरंत मामले की उच्चस्तरीय जांच (विशेषकर 15वें वित्त आयोग की अनुदान की उपयोगिता यू सी सुनिश्चित करने की मांग की गई है।जांच पूरी होने तक संबंधित संवेदक का भुगतान रोका जाए।दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाने की मांग किया गया हे।
राज्य सरकार और जिला प्रशासन से यह सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं कि जनता के टैक्स से बन रहे इन केंद्रों का निर्माण पारदर्शी और उच्च गुणवत्ता वाला हो।घटिया निर्माण सामग्री: भवन निर्माण में निर्धारित मानकों के विपरीत घटिया ईंटों, रेत और सीमेंट का उपयोग किया जा रहा है, जिससे भवन की मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं।अनुमोदित योजना से विचलन: निर्माण कार्य स्वीकृत डीपीआर या ‘मॉडल लेआउट प्लान’ 15वी वित्त योजना के अनुसार नहीं किया जा रहा है।
साथ ही उन्होंने दक्षिणी इच डा पंचायत में बना रहे 55लाख के उप स्वास्थ्य केंद्र के शिलान्यास को लेकर भी सवाल खड़े किए उनका कहना है कि इसमें किसी प्रकार का बोर्ड नहीं लगाया गया है और जंगल के कई पेड़ को काटकर यहां उपस्वास्थ्य केंद्र बनाया जा रहा है यहां सरकारी पैसा का दुरुपयोग किया जा रहा है।
इस कार्य को करने वाले ठेकेदार पर भी कई की मांग किया।

