चेकपोस्ट वीडियो पर ‘जेल’ चेतावनी विवाद गहराया, अधिवक्ता सुधीर पप्पू ने उठाए संवैधानिक सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में ट्रैफिक चेकपोस्ट का वीडियो बनाने पर ‘जेल’ भेजने की चेतावनी का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता अंकित आनंद के बाद अब अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने भी प्रेस बयान जारी कर इस पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि बिना स्पष्ट कानूनी प्रावधान के इस तरह की चेतावनी देना नागरिकों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन हो सकता है। उनका तर्क है कि सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस की कार्रवाई को रिकॉर्ड करना नागरिकों का अधिकार है और इससे पारदर्शिता व जवाबदेही भी सुनिश्चित होती है।
सुधीर पप्पू ने यह भी कहा कि सभी तरह की वीडियो रिकॉर्डिंग पर blanket रोक उचित नहीं है। उन्होंने पुलिस कार्रवाई में पारदर्शिता बनाए रखने और कानून के दायरे में रहकर सख्ती बरतने की जरूरत बताई है।

