राष्ट्र संवाद संवाददाता
आईपीएल की शुरुआत होते ही ग्रामीण क्षेत्र में भी सट्टेबाजी चरम पर हो जाती है युवा इस सट्टेबाजी के खेल में अपने जीवन को बर्बाद कर रहे हैं।
युवाओं के द्वारा अपने-अपने टीम के जीत हार पर सट्टा लगाया जाता है जिसमें कुछ बार उन्हें फायदा होता है तो अधिकतर व नुकसान ही होता है जिससे आर्थिक परेशानी का भी सामना करना पड़ता है।
पिछले साल जादूगोड़ा के एक रेल कर्मी ने सट्टेबाजी के कारण ही अपनी जीवन लीला को खत्म कर लिया था।
पिछले वर्ष। 16 मई को घाटशिला पुलिस ने IPL में सट्टेबाजी के आरोप में 5-6 युवकों को पकड़ा था। पुलिस ने राजस्टेट से एक, मेन रोड से तीन, कॉलेज रोड से दो युवकों को दबोचा। पुलिस का कहना था कि पैसे कमाने के लोभ में युवकों ने सट्टेबाजी का खेल की शुरूआत किया।
सट्टेबाजी का खेल अधिकतर ठेला, होटल और कई स्थानों पर खेली जाती है।
वर्तमान में सट्टा बाजी चलाने वाले इस वर्ष अधिकतर गुजरात टाइटंस ,राजस्थान रॉयल्स, दिल्ली डेयरडेविल्स एवं आरसीबी पर अधिकतर पैसा लगा रहे हैं का युवाओं के द्वारा ₹1 का ₹10 की बाजी लगाते हैं जितने पर उन्हें 100% का फायदा होता है।
जादूगोड़ा और सुंदर नगर के एक बड़े दुकानदार के द्वारा भी सट्टेबाजी को लेकर काफी नामी है उनका अपना आईडी है जिसे वह बेचता है और उससे उन्हें काफी फायदा हो रहा है कुछ ही वर्षों में वह करोड़पति भी हो चुके हैं।
अधिकतर युवा इसमें काफी पैसा गवाह भी चुके हैं
ग्रामीण इलाकों में रिस्क ज्यादा क्यों है:
1. *कर्ज का दबाव,
2. *जागरूकता की कमी*: ऑनलाइन ऐप्स और QR कोड से पैसा लगाना आसान है, पर निकलना मुश्किल।
3. *करियर की बर्बादी*: पुलिस खुद मानती है कि पकड़े जाने पर युवाओं का भविष्य खराब हो जाता है।
वहीं पुलिस की भी सट्टेबाजों पर पैनी नजर है।
रोजाना जादूगोड़ा थाना क्षेत्र में सट्टेबाजी को लेकर लगभग 10 लाख रुपया का खेल खेला जा रहा है।
आईपीएल में सट्टेबाजी खेल को लेकर ग्रामीण एसपी शुभम खंडेवाल ने कहा कि इस मामले को भी गंभीरता से लिया जाएगा पुलिस के द्वारा सट्टेबाजों पर कार्रवाई की जाएगी अगर कोई मामला ऐसा है तो उन्हें इसकी सूचना दिया जाए पुलिस कार्रवाई करेगी एवं सट्टेबाजी को लेकर उन्होंने संदेश दिया कि युवाओं को इससे दूर रहने की अपील किया हे।

