सीआईआई की जमशेदपुर में वर्कशॉप, उद्योगों से डीकार्बोनाइज़ेशन और जलवायु कार्रवाई तेज़ करने का आग्रह
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सीआईआई ने जमशेदपुर में औद्योगिक डीकार्बोनाइज़ेशन पर एक विशेष वर्कशॉप आयोजित की, जिसमें उद्योग जगत के विशेषज्ञों और नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान जलवायु कार्रवाई और कार्बन प्रबंधन को व्यवसाय की प्राथमिकता बनाने पर ज़ोर दिया गया।
वर्कशॉप में बदलते वैश्विक नियमों, आपूर्ति श्रृंखला के दबाव और बाज़ार की नई अपेक्षाओं पर चर्चा हुई, जिससे ग्रीनहाउस गैस (GHG) प्रबंधन और डीकार्बोनाइज़ेशन रणनीतियों की अहमियत तेजी से बढ़ रही है।
इस मौके पर सौरभ कुंडू ने कहा कि डीकार्बोनाइज़ेशन अब केवल विकल्प नहीं, बल्कि उद्योगों के लिए ज़रूरी बन चुका है। उन्होंने भारत के 2070 के नेट-ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी सेक्टरों में मिलकर काम करने की जरूरत बताई।
तकनीकी सत्र में शशि कला अग्रवाल ने GHG लेखांकन, स्कोप 1, 2 और 3 उत्सर्जन के साथ-साथ CBAM और कार्बन क्रेडिट ट्रेडिंग जैसे नियमों की जानकारी दी।
वहीं रंजोत सिंह ने कहा कि सस्टेनेबिलिटी को कंपनियों की कार्यशैली में शामिल करना जरूरी है, ताकि दीर्घकालिक और ज़िम्मेदार विकास सुनिश्चित हो सके।
यह वर्कशॉप उद्योगों के लिए ज्ञान साझा करने और व्यवहारिक समाधान अपनाने का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई, जिससे उन्हें कम-कार्बन और प्रतिस्पर्धी भविष्य की ओर बढ़ने में मदद मिलेगी।

