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    Home » यूसील कॉलोनी में जर्जर क्वार्टर बने ‘मौत का घर’, मरम्मत की मांग तेज
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    यूसील कॉलोनी में जर्जर क्वार्टर बने ‘मौत का घर’, मरम्मत की मांग तेज

    Aman OjhaBy Aman OjhaApril 12, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    यूसील कॉलोनी में दशकों पुराने क्वार्टरों की जर्जर हालत अब रहवासियों के लिए जानलेवा बनती जा रही है। जादूगोड़ा, नरवा पहाड़ और भाटिन क्षेत्र में कई क्वार्टर ऐसे हैं जो बांस के सहारे टिके हुए हैं और कभी भी गिर सकते हैं। दीवारों में गहरी दरारें, उखड़ता प्लास्टर, टपकती छतें और सीलन यहां आम समस्या बन चुकी है। बारिश के मौसम में स्थिति और भयावह हो जाती है, वहीं गार्डवाल के अभाव में सड़कों के किनारे मिट्टी धंसने से दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। खाली पड़े जर्जर क्वार्टर असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं, जहां नशाखोरी और आपराधिक गतिविधियां होने से कॉलोनीवासी दहशत में जी रहे हैं। करीब 2200 क्वार्टरों वाली इस कॉलोनी में ई और डी टाइप को छोड़ अधिकांश मकान 60 साल पुराने हैं और लंबे समय से उनका समुचित रखरखाव नहीं हुआ है। कई जगह बिजली के तार और बोर्ड भी क्षतिग्रस्त हैं, जिससे करंट लगने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। कॉलोनीवासियों का कहना है कि खराब हालत के कारण अब वे अपने घरों में मेहमान बुलाने से भी डरते हैं, यहां तक कि बच्चों के रिश्तों पर भी इसका असर पड़ रहा है। संयुक्त यूनियन ने संपदा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं और बताया कि करोड़ों की योजनाएं भी सही तरीके से पूरी नहीं हो रही हैं। वहीं, जर्जर स्थिति को देखते हुए सी-टाइप हॉस्टल को भी खाली कराया जा रहा है। बावजूद इसके, यूसील प्रबंधन द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

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