राष्ट्र संवाद संवाददाता
पोटका : झामुमो पोटका प्रखंड कमिटी ने आज शुक्रवार को झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा(जे एल के एम) द्वारा पोटका मुख्यालय में राज्य सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार पर आयोजित होने वाले धरना प्रदर्शन को एक नॉटंकी करार दिया है। झामुमो प्रखंड कमिटी द्वारा गुरुवार को हाता विधायक कार्यालय में प्रेसवार्ता आयोजित कर प्रखंड कमिटी के पदाधिकारियों ने कहा कि पोटका में भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले जे एल के एम पार्टी के वरीय नेता सह विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी, पूर्व मुखिया भागीरथी हांसदा पर भ्रष्टाचार के कई आरोप है। सर्वप्रथम वे उनका जबाब जनता को दे। ज्ञात हो कि पोटका प्रखंड में वर्ष 2018 में शौचालय निर्माण में बड़े घोटाले का मामला सामने आया था उस वक्त माटकु पंचायत के मुखिया भागीरथी हांसदा थे। उन पर 118 शौचालय निर्माण में गबन का आरोप लगा था। उन्होंने कहा कि इसके अलावे वर्ष 2022 में हुए पंचायत चुनाव में भागीरथी हांसदा की धर्मपत्नी जो पश्चिम बंगाल की है वे चुनाव में गलत तरीका से जाति प्रमाण पत्र पोटका प्रखंड से बनाकर आरक्षित सीट से चुनाव लड़ी। जबकि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 में बनाये गए नियमानुसार पूरे भारत मे पत्नी का जाति प्रमाण पत्र मायके से ही बनता है .इस पर भी वे जबाब दे कि वे अपनी पत्नी का दस्तावेज दिखाए की किस दस्तावेज के आधार पर वे चुनाव लड़ आरक्षण का लाभ उठाई।
प्रेस वार्ता में उपस्थित झारखंड आंदोलनकारी नेता बबलू चौधरी, केंद्रीय सदस्य सह पूर्व पार्षद हीरामणि मुर्मू,प्रखंड अध्यक्ष सुधीर सोरेन, सचिव भूबनेश्वर सरदार, उपाध्यक्ष चक्रधर महतो, कोषाध्यक्ष अनुपम मंडल, संगठन सचिव बिरेन पत्रों, रमेश सोरेन, श्याम चरण सरदार, दिलीप सोरेन, धनीराम सोरेन, उप मुखिया ओम गुप्ता, मोहम्मद जमाल, लालबाबू पठान,हराधन मुंडा,सालखान हेंब्रम,पिनाकी नायक, अफसर अली

