बहरागोड़ा को ऐतिहासिक सौगात की ओर बड़ा कदम: सुवर्णरेखा नदी पर 162 करोड़ की पुल परियोजना केंद्र की स्वीकृति के अंतिम चरण में।
सांसद बिद्युत बरण महतो की पहल रंग लाई, नितिन गडकरी के आश्वासन के बाद DPR तैयार, केंद्र सरकार को प्रस्ताव प्रेषित।
राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक विकास की राह खुलती नजर आ रही है। जमशेदपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री बिद्युत बरण महतो के सतत प्रयासों से सुवर्णरेखा नदी के बामडोल घाट पर बहुप्रतीक्षित पुल निर्माण परियोजना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। यह परियोजना झारखंड और ओडिशा के बीच सीधा संपर्क स्थापित करने के साथ-साथ क्षेत्रीय विकास को नई गति देने वाली साबित होगी।
पिछले लोकसभा सत्र के दौरान सांसद श्री महतो ने स्थानीय लोगों की वर्षों पुरानी मांग को प्रमुखता से उठाते हुए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाकात की थी। उन्होंने बामडोल घाट पर पुल निर्माण की आवश्यकता को विस्तार से रखते हुए बताया था कि यह परियोजना न केवल आवागमन को सुगम बनाएगी, बल्कि व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध होगी। इस पर केंद्रीय मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए भरोसा दिलाया था कि झारखंड सरकार द्वारा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) प्रस्तुत किए जाने पर केंद्र सरकार शीघ्र स्वीकृति प्रदान करेगी।
केंद्रीय स्तर से मिले इस आश्वासन के बाद झारखंड सरकार के पथ निर्माण विभाग ने तत्परता दिखाते हुए कार्य शुरू किया। विभाग ने एक अधिकृत एजेंसी के माध्यम से योजनास्थल का विस्तृत भौगोलिक एवं तकनीकी सर्वेक्षण कराया। सर्वेक्षण के आधार पर हाई लेवल प्री-स्ट्रेस्ड कंक्रीट (H.L. PSC) ब्रिज का डीपीआर तैयार किया गया। इस प्रस्तावित पुल की कुल लंबाई लगभग 8.460 किलोमीटर निर्धारित की गई है, जबकि इसकी अनुमानित लागत लगभग 162.14 करोड़ रुपये आंकी गई है।
परियोजना को गति देने के लिए सांसद श्री महतो ने झारखंड के पथ निर्माण विभाग के प्रधान सचिव से भी व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और जल्द से जल्द केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने का आग्रह किया। उनके निरंतर प्रयासों और पहल के परिणामस्वरूप विभाग ने सभी औपचारिकताएं पूरी करते हुए डीपीआर सहित पुल निर्माण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज दिया है।
सांसद श्री महतो ने इस महत्वपूर्ण प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना बहरागोड़ा और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए “गेम चेंजर” साबित होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगामी मानसून सत्र से पहले इस योजना को केंद्र सरकार से स्वीकृति मिल जाएगी और शीघ्र ही निर्माण कार्य भी प्रारंभ किया जा सकेगा।
उन्होंने आगे कहा कि पुल के निर्माण से झारखंड और ओडिशा के बीच सीधा और सुरक्षित संपर्क स्थापित होगा, जिससे परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय रोजगार के अवसर सृजित होंगे और क्षेत्र के समग्र आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

