रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
जमशेदपुर के डिमना स्थित एमजीएम अस्पताल में होमगार्डों की गुंडागर्दी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार को अस्पताल परिसर में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई, जहां होमगार्डों ने इलाज कराने पहुंचे मरीज और उसके ड्राइवर के साथ बदसलूकी करते हुए जमकर मारपीट की। इस घटना में ड्राइवर सुजीत कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके सिर में गहरी चोट आने के कारण पांच टांके लगाने पड़े हैं। वहीं मरीज राहुल कुमार के साथ भी हाथापाई की गई। पीड़ित राहुल कुमार के अनुसार, वह इलाज के लिए अपने ड्राइवर सुजीत के साथ अस्पताल पहुंचे थे। गाड़ी खड़ी करने के बाद सुजीत थोड़ी देर आराम करने के लिए अंदर फर्श पर लेट गया, तभी एक होमगार्ड ने उसे पैर मारकर जबरन उठा दिया। सुजीत द्वारा रातभर जागने की बात कहकर कुछ देर आराम करने की गुजारिश करने के बावजूद होमगार्ड नहीं माने और उसे तुरंत वहां से हटने का दबाव बनाने लगे। इसी बात को लेकर कहासुनी बढ़ गई और देखते ही देखते मामला हिंसा में बदल गया। स्थिति उस समय और बिगड़ गई जब बीच-बचाव करने पहुंचे राहुल कुमार के सामने ही दो होमगार्डों ने सुजीत कुमार पर ताबड़तोड़ मुक्के बरसाने शुरू कर दिए और उसे दीवार से दे मारा, जिससे उसके सिर के पीछे गंभीर चोट लग गई और खून बहने लगा। हालांकि मौके पर मौजूद एक बुजुर्ग होमगार्ड ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन तब तक सुजीत बुरी तरह जख्मी हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह घायल को बचाया। गौरतलब है कि इससे पहले मंगलवार को भी टीएमएच अस्पताल में गेट पर तैनात सुरक्षा गार्डों द्वारा एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था और कर्मियों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। स्थानीय लोगों में इसको लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जा रही है।

