राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा थाना क्षेत्र इन दिनों साइबर अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बनता जा रहा है। लगातार नए-नए तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा रहा है। यूसील कर्मियों से लेकर आसपास के ग्रामीण क्षेत्र के लोग भी इन अपराधियों के जाल में फंस रहे हैं। बताया जा रहा है कि इलाके के सैकड़ों युवा इस अवैध धंधे से जुड़े हुए हैं और लोगों से ठगी कर मोटी रकम कमा रहे हैं।
ताजा मामला जादूगोड़ा थाना क्षेत्र के पुरनापानी की रहने वाली 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला कलावती बुधिया से जुड़ा है, जिनसे साइबर अपराधियों ने 20 हजार रुपये की ठगी कर ली।
पीड़िता की जुबानी ठगी की कहानी:
कलावती बुधिया ने बताया कि 10 मार्च को फेसबुक देखते समय “गरीबों को हेल्प” नाम का एक लिंक दिखाई दिया। लिंक खोलते ही उन्हें दो अलग-अलग नंबरों (923201561190 और 923074740033) से कॉल आया। कॉल करने वालों ने खुद को गरीबों की मदद करने वाला बताते हुए भरोसा दिलाया कि वे उन्हें आर्थिक सहायता देंगे।
महिला ने बताया कि जब उन्होंने चार लाख रुपये की जरूरत बताई, तो ठगों ने कहा कि विदेश से डॉलर में पैसा आएगा, जिसे भारतीय मुद्रा में बदलने के लिए पहले 3 हजार रुपये भेजने होंगे। झांसे में आकर महिला ने दिए गए बैंक खातों में पैसे जमा कर दिए।
इसके बाद ठगों ने सीबीआई का डर दिखाते हुए कहा कि पैसा फंस गया है और जेल हो सकती है। भय पैदा कर अलग-अलग दिनों में कुल 20 हजार रुपये ठग लिए। यह राशि महिला ने कर्ज लेकर जमा की थी।
मंगलवार को जब फिर से 12 हजार रुपये की मांग की गई और जेल भेजने की धमकी दी गई, तब महिला ने परिचितों से बात की, जिससे ठगी का खुलासा हुआ।
इलाके में बढ़ रहा साइबर अपराध का नेटवर्क:
स्थानीय लोगों का कहना है कि आसपास के क्षेत्रों में डर और लालच दिखाकर लगातार ठगी की जा रही है। घाटशिला के रोहित जैन को साइबर अपराध के किंगपिन के रूप में पकड़ा जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद गिरोह सक्रिय हैं। कई स्थानीय युवा इस गोरखधंधे में शामिल हैं और अचानक उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव देखा जा रहा है।
पुलिस पर उठ रहे सवाल:
लगातार बढ़ रहे मामलों के बावजूद पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने क्षेत्र में सख्त कार्रवाई और साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान चलाने की मांग की है।

