Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » पत्रकारिता की मशाल: ‘राष्ट्र संवाद’ के 25 गौरवशाली वर्ष
    Breaking News Business Headlines अन्तर्राष्ट्रीय कारोबार राष्ट्रीय संपादकीय संवाद विशेष साहित्य

    पत्रकारिता की मशाल: ‘राष्ट्र संवाद’ के 25 गौरवशाली वर्ष

    Devanand SinghBy Devanand SinghMarch 12, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    मतदाता सूची पर सियासत
    नेपाल की राजनीति
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    पत्रकारिता की मशाल: ‘राष्ट्र संवाद’ के 25 वर्ष :निर्भीकता, निष्पक्षता और अडिग विश्वसनीयता का सफर

    देवानंद सिंह

    यह अत्यंत गर्व और आत्ममंथन का क्षण है कि झारखंड के प्रमुख मीडिया संस्थान ‘राष्ट्र संवाद’ ने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने 25 गौरवपूर्ण वर्ष पूर्ण कर 26वें वर्ष में प्रवेश किया है। यह केवल एक संस्थान की उम्र का आंकड़ा नहीं, बल्कि मूल्यों, संघर्ष और प्रतिबद्धता की वह यात्रा है, जो आज के चुनौतीपूर्ण मीडिया परिदृश्य में विरल होती जा रही है। यह अवसर उत्सव का भी है और दिशा की पड़ताल का भी कि हम कहाँ थे, कहाँ हैं और आगे किस राह पर बढ़ना है।
    लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में मीडिया की भूमिका समय के साथ और भी निर्णायक हुई है। विशेषकर स्थानीय और क्षेत्रीय मीडिया जो सत्ता और समाज के बीच सेतु बनकर जन-सरोकारों की आवाज़ उठाता है। ‘राष्ट्र संवाद’ ने झारखंड में इस जिम्मेदारी को न केवल स्वीकार किया, बल्कि निष्पक्षता, निर्भीकता और सत्यनिष्ठा के साथ निभाया। जब कॉरपोरेट कल्चर और बाजार का दबाव पत्रकारिता की आत्मा पर हावी होता जा रहा है, तब भी ‘राष्ट्र संवाद’ ने खबरों को हितों के तराजू पर तौलने से इंकार किया और सच को उसकी पूरी गरिमा के साथ पाठकों तक पहुँचाया।
    आज का मीडिया परिदृश्य किसी से छिपा नहीं है। बड़े-बड़े संपादक और संस्थान सत्ता प्रतिष्ठानों की कृपा में बंधकर लेखनी को स्तुति-गान में बदलते दिखते हैं। बदले में पद, पैकेज और प्रतिष्ठा मिलती है और पत्रकारिता, जो कभी स्वतंत्रता संग्राम की अग्रिम पंक्ति में थी, नतमस्तक होती चली जाती है। ऐसे समय में ‘राष्ट्र संवाद’ ने मशाल थामे रहने का साहस दिखाया है। मशाल का काम अंधेरे में रास्ता दिखाना होता है और यही मीडिया का मूल उद्देश्य भी है।
    यह सच है कि प्रिंट मीडिया, विशेषकर कोरोना काल की विभीषिका के बाद, अभूतपूर्व संकट से गुज़री है। संसाधन सीमित हुए, चुनौतियाँ बढ़ीं, लेकिन संकल्प कमजोर नहीं पड़ा। ‘राष्ट्र संवाद’ का यह सफर स्वर्गीय के.के. सिंह के निस्वार्थ आशीर्वाद और हमारे प्रेरणास्रोत बाबूजी स्वर्गीय रामेश्वर राय द्वारा बताए गए मूल्यों के मार्गदर्शन का परिणाम है। इन्हीं आदर्शों पर चलते हुए आज ‘राष्ट्र संवाद समूह’ ने एक सुदृढ़ पहचान बनाई है। इस उपलब्धि का श्रेय पूरी टीम को जाता है जो विपरीत हवाओं में भी कलम को सीधा रखने का साहस रखती है।
    जब मजीठिया आयोग के वेतनमान पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद बड़े संस्थानों में पत्रकारों का शोषण जारी है, जब बाहरी एजेंसियों के सहारे जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ा जा रहा है, तब ‘राष्ट्र संवाद’ ने पत्रकारों के सम्मान और पेशे की गरिमा को केंद्र में रखा। वहीं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक बड़े हिस्से में ज्योतिष, फूहड़ मनोरंजन और सनसनीखेज़ी की भरमार के बीच खबरें एजेंडा बनकर परोसी जा रही हैं। ऐसे माहौल में विवेकपूर्ण, तथ्यपरक और जन-सरोकारों से जुड़ी पत्रकारिता करना कहीं अधिक कठिन और कहीं अधिक आवश्यक हो जाता है।
    हमें यह साझा करते हुए प्रसन्नता है कि ‘राष्ट्र संवाद’ ने मिशन 2026 को ‘उत्सव वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। एक मासिक पत्रिका से शुरू हुआ यह सफर आज ‘राष्ट्र संवाद समूह’ के रूप में विस्तार पा चुका है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दैनिक उपस्थिति के साथ, प्रिंट संस्करण भी शीघ्र ही पाठकों के हाथों में होगा यह हमारी प्रतिबद्धता है।
    इस सफल यात्रा का श्रेय हमारे पाठकों, विज्ञापनदाताओं और शुभचिंतकों को जाता है, जिनके विश्वास और सहयोग ने हमें निरंतर ऊर्जा दी। हम विश्वास दिलाते हैं कि भविष्य में भी ‘राष्ट्र संवाद’ स्वतंत्र, निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की अलख जगाए रखेगा बिना दबाव, बिना समझौते।
    रजत जयंती समापन वर्ष के इस अवसर पर, ‘राष्ट्र संवाद’ की पूरी टीम को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ।
    पत्रकारिता की मशाल जलती रहे यही हमारा संकल्प है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleराष्ट्र संवाद के 25 वर्ष: सत्य और निष्ठा की पत्रकारिता
    Next Article राष्ट्र संवाद के 25 वर्ष: भाजपा नेता अनिल सिंह ने दी बधाई

    Related Posts

    योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला : अमरप्रीत सिंह काले

    June 21, 2026

    योग दिवस और फादर्स डे पर सजा काव्य मंच, कविताओं से गूंजा पेंशनर समाज कार्यालय

    June 21, 2026

    अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर जी टाउन मैदान में हुआ भव्य योगाभ्यास

    June 21, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    हाता में भाजपा के तीन मंडलों की SIR को लेकर प्रशिक्षण बैठक, BLO के साथ मिलकर काम करने का आह्वान

    योग से स्वास्थ्य, संस्कार और नशामुक्ति का संदेश; चाईबासा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर उमड़ा जनसैलाब

    टाटा-कांड्रा रोड पर आमने-सामने भिड़ीं बाइकें, एक युवक की मौत; दूसरा चालक फरार

    ट्रेलर के पहियों तले थम गई जिंदगी: कांड्रा में दर्दनाक सड़क हादसे ने छीन ली एक युवक की सांसें

    गौ माता को ‘राष्ट्रीय माता’ का दर्जा दिलाने की मुहिम तेज, गम्हरिया में हस्ताक्षर अभियान को मिला जनसमर्थन

    योग दिवस पर स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश, 90 युवाओं ने किया योगाभ्यास

    प्रतिभा सम्मान समारोह में सम्मानित होंगे मैट्रिक व इंटरमीडिएट के छात्र -छात्राऐं

    पोटका के विद्यालयों में मना अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

    देवस्नान एवं रथयात्रा धार्मिक उत्सव की तैयारी को लेकर बोलानी के विष्णु मंदिर मे बैठक संपन्न

    पूर्वी सिंहभूम के एकलव्य विद्यालय के 20 शिक्षकों का सेवा विस्तार नहीं होने से एवं वेतन नहीं मिलने से शिक्षक बेहाल, आदिवासी बच्चों की पढ़ाई में हो बाधित

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.