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    Home » भुमिज समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर मंथन
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    भुमिज समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर मंथन

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMarch 8, 2026No Comments2 Mins Read
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    भुमिज समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने पर मंथन

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    चांडिल चाण्डिल प्रखंड के अंतर्गत भादुडीह पंचायत राजस्व गांव में आदिवासी भुमिज/मुड़ा समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को पुनः सुव्यवस्थित और सुदृढ़ करने को लेकर आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता समर सिंह सरदार ने की।

    बैठक में रुड़ी प्रथा के तहत पारंपरिक पदाधिकारियों और सदस्यों का मनोनयन किया गया। मनोनीत पदेन सदस्यों में हातु मुड़ा के रूप में श्यामापद सिंह सरदार, पारंपरिक लाया के रूप में रमा सिंह और नुनका सिंह, देवरी के रूप में मानीक सिंह सरदार, लालमोहन सिंह सरदार और अनिल सिंह सरदार शामिल हैं। वहीं डाकुआ के रूप में हराधन सिंह सरदार और दुर्योधन सिंह सरदार तथा शासन जागुवाड़ी के रूप में मोहन सिंह और प्रफुल्ल सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई।

    बैठक में बताया गया कि इससे पहले चिलगू पंचायत के मौजा कदमझोर, माकुलाकोचा और तुलीन गांवों में भी भुमिज समुदाय की पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था के सदस्यों का मनोनयन किया जा चुका है। चाण्डिल प्रखंड के अन्य गांवों में भी इस व्यवस्था को सुदृढ़ और सुव्यवस्थित करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

    समाज के लोगों से अपील की गई कि वे अपने-अपने गांव में स्वशासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आगे आएं और इस महत्वपूर्ण कार्य में सामाजिक संगठन का सहयोग करें।

    मौके पर सामाजिक संगठन की ओर से रविन्द्रनाथ सिंह, शुशेन सिंह सरदार, जय सिंह सरदार, रविन्द्र सरदार सहित संबंधित मौजा के देवसागर सिंह, समर सिंह, श्यामापद सिंह, हरिशंकर सिंह, बलराम सिंह, प्रफुल्ल सिंह, हराधन सिंह, अंजना देवी, अन्नापूर्णा देवी, जिरा सरदार समेत कई लोग उपस्थित

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