‘शीश महल’ को लेकर झारखंड की सियासत गरम, बीजेपी ने मुख्यमंत्री आवास निर्माण पर उठाए सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
रांची:झारखंड में मुख्यमंत्री आवास के निर्माण को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर जनता के पैसे से आलीशान आवास बनवाने का आरोप लगाया है। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जहां राज्य की जनता रोज़ी-रोटी के लिए संघर्ष कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री के लिए लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से ‘शीश महल’ तैयार किया जा रहा है।
रांची में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जो सरकार खुद को गरीब, आदिवासी और मूलवासी की सरकार बताती है, वही मुख्यमंत्री के लिए करोड़ों रुपये का आलीशान आवास बनवा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की राह पर चल पड़े हैं। जिस तरह दिल्ली में जनता के पैसे से ‘शीश महल’ बनाया गया, उसी तर्ज पर झारखंड में भी मुख्यमंत्री के लिए भव्य आवास तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इस नए आवास में स्विमिंग पूल, जकूजी और आलीशान कमरे के अलावा करीब दो करोड़ रुपये का फव्वारा और लगभग ढाई करोड़ रुपये की लागत से गार्डन भी बनाया जाएगा, जो इसकी भव्यता को और बढ़ाएगा। प्रतुल शाहदेव ने कहा कि जिस राज्य में बड़ी संख्या में आदिवासी और मूलवासी परिवार शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, वहां मुख्यमंत्री आवास पर इतनी बड़ी राशि खर्च करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी आरोप लगाया कि इस परियोजना को हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में मंजूरी दी गई, लेकिन कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान इसका जिक्र नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि आधिकारिक तौर पर मुख्य भवन के निर्माण पर लगभग 47 करोड़ रुपये खर्च बताए जा रहे हैं, लेकिन अन्य मदों को जोड़ने पर यह राशि करीब 70 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है। विभागीय परंपरा के अनुसार 25 से 30 प्रतिशत तक लागत बढ़ने की संभावना रहती है, ऐसे में यह परियोजना 100 करोड़ रुपये से अधिक की हो सकती है।
प्रतुल शाहदेव ने यह भी सवाल उठाया कि जब सरकार पहले ही स्मार्ट सिटी क्षेत्र में नया राजभवन और मुख्यमंत्री आवास बनाने की घोषणा कर चुकी है, तो फिर इस समय इतनी बड़ी राशि खर्च करने की आवश्यकता क्यों है।
उन्होंने कहा कि बीजेपी इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाएगी और पूछेगी कि झारखंड की गरीब जनता के टैक्स का पैसा मुख्यमंत्री के शाही ठाठ-बाट के लिए है या राज्य के विकास और गरीबों की भलाई के लिए। इस प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह भी मौजूद थे।

