स्वच्छता पखवाड़ा खत्म, सफाई भी बंद! यूसीआईएल की ‘फोटो सेशन’ मुहिम पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा: यूसीआईएल द्वारा 16 से 28 फरवरी तक धूमधाम से मनाए गए स्वच्छता पखवाड़ा के बाद क्षेत्र में फिर से गंदगी का अंबार लग गया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पखवाड़ा खत्म होते ही सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है और पूरा अभियान महज खानापूर्ति बनकर रह गया।
बताया जाता है कि पिछले एक माह से जादूगोड़ा एवं आसपास के क्षेत्रों में नियमित सफाई नहीं हो रही थी। मामला समाचार पत्रों में आने के बाद अधिकारियों ने आनन-फानन में डस्टबिनों की सफाई करवाई और फोटो सेशन कराया, लेकिन यह व्यवस्था केवल एक दिन ही कायम रह सकी। दूसरे दिन से फिर कचरे के ढेर और बदबू का आलम लौट आया।
स्थानीय निवासियों ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि यूसीआईएल नियमित सफाई नहीं करा सकता तो क्षेत्र से डस्टबिन ही हटा दिए जाएं, क्योंकि डस्टबिनों के आसपास रहने वाले लोगों का जीवन दूभर हो गया है। गंदगी और दुर्गंध के कारण बीमारियां फैलने की आशंका भी जताई जा रही है।
भाजपा नेता रोहित सिंह ने इस मुद्दे पर फिर से आंदोलन की चेतावनी दी है। उनका कहना है कि स्वच्छता पखवाड़ा के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, झाड़ू और ब्लीचिंग पाउडर बांटे गए, अधिकारियों ने झाड़ू लगाकर तस्वीरें खिंचवाईं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई स्थायी सुधार नजर नहीं आ रहा है।
वहीं, यूसीआईएल के संपदा विभाग का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया लंबित होने के कारण नियमित सफाई कार्य बाधित है। हालांकि कॉलोनी क्षेत्रों में भी गंदगी की स्थिति बनी रहने से अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों ने शीघ्र स्थायी समाधान की मांग की है।

